अधिकारियों के साथ प्रोजेक्ट पर चर्चा करते उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया। स्रोत : सूचना विभ
पानीपत। पानीपत-जींद रेल लाइन 220 केवी डबल सर्किट ट्रांसमिशन आधारित होगी। इस लाइन के इलेक्ट्रोलाइजर प्लांट को नवीकरणीय ऊर्जा की आपूर्ति पानीपत से की जाएगी। इससे सालाना लगभग 10 हजार टन ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन संभव होगा। इससे रिफाइनरी में उपयोग होने वाले जीवाश्म ईंधन आधारित ग्रीन हाइड्रोजन का स्थान लिया जाएगा। इससे कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आएगी। परियोजना का लक्ष्य वर्ष 2030 तक पांच मिलियन मीट्रिक टन ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन करना है।
उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने पानीपत से जींद तक प्रस्तावित 220 केवी डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइन प्रोजेक्ट की प्रगति की शुक्रवार को समीक्षा बैठक की। जिला सचिवालय सभागार में कंपनी के अधिकारियों के साथ बैठक में विस्तार से चर्चा की और सहयोग का आश्वासन दिया। उपायुक्त ने बताया कि प्रोजेक्ट का उद्देश्य ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन को बढ़ावा देना है। परियोजना के तहत सामग्री आपूर्ति और अन्य सभी चरण निर्धारित समय सीमा में पूरे किए जाएं। भूमि अधिग्रहण पर्यावरण स्वीकृति और सुरक्षा मानकों के पालन की जरूरत पर बल दिया।
220 केवी ट्रांसमिशन लाइन इलेक्ट्रोलाइजर प्लांट को नवीकरणीय ऊर्जा की आपूर्ति की जाएगी। इससे सालाना लगभग 10 हजार टन ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन संभव होगा। उपायुक्त डॉ. दहिया ने कहा कि यह प्रोजेक्ट न केवल पर्यावरण संरक्षण में अहम भूमिका निभाएगा बल्कि क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा। हरियाणा ग्रीन एनर्जी हब के रूप में स्थापित होगा। उन्होंने संबंधित विभागों का समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए। इस मौके पर डीआरओ कनव लाकड़ा व डीडीपीओ राजेश शर्मा मौजूद रहे।
अधिकारियों के साथ प्रोजेक्ट पर चर्चा करते उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया। स्रोत : सूचना विभ