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कोरोना का कहर : तीन बेटियां यतीम, 168 बच्चों से सिर मां या पिता का साया उठा

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पानीपत। कोरोना की दूसरी लहर जिले के 171 बच्चों और किशोरों पर कहर बनकर टूटी। 168 बच्चों और किशोरों ने मां या पिता में से किसी एक का साया उठ गया वहीं तीन बच्चे यतीम हो गए। जिला प्रशासन की ओर से कराए गए सर्वे में यह सामने आया है।
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समालखा के गांव चुलकाना की रहने वाली सगी बहनों ने माता और पिता दोनों को खो दिया। इनकी मां की मौत तो पहले ही हो चुकी थी और कोरोना ने इनके सिर से पिता का हाथ भी खींच लिया। बड़ी बहन (15) कक्षा 10वीं में पढ़ती हैै और छोटी (11) कक्षा चौथी में पढ़ रही है। दोनों फिलहाल दादा और दादी के साथ रह रहीं हैं। इनके अलावा गांव हथवाला की रहने वाली 12 वर्षीय बच्ची के भी माता-पिता नहीं रहे। इस मासूम की मां की पहले ही मौत हो चुकी और पिता ही उसका भरण पोषण कर रहे थे, अब कोरोना ने पिता को भी छीन लिया। इस बच्ची का सहारा भी अब बूढ़े दादा दादी ही हैं।
यतीम हो चुकीं इन तीनों बच्चियों के दादा-दादी नहीं चाहते हैं कि वे उनसे दूर जाएं। असल में सरकार की ओर से घोषणा की गई कि कोरोना की वजह से अनाथ हुए चुके बच्चों की देखभाल उनकी ओर से की जाएगी। ऐसे में दादा-दादी को लगता है कि कहीं बच्चों को अनाथालय में न भेज दिया जाए, जो वे नहीं चाहते।
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अनाथ बच्चों के नाम संपत्ति की भी की जा रही पड़ताल
यतीम बच्चों के नाम जमीन-जायदाद है या नहीं, इसका भी बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी ) ध्यान दे रही है। इसके पीछे महज इतना ही उद्देश्य है कि कहीं जमीन-जायदाद नाम होने के चलते तो बच्चों को गोद लेने के लिए लोग आगे नहीं आ रहे, जिससे बाद में बच्चों को मुश्किलों का सामना करना पड़े। ऐसे बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सीडब्ल्यूसी के हाथ में है कि वे बच्चों को गोद लेने की प्रक्रिया में रखते या अन्य परिजनों के पास छोड़ते हैं।
अनाथ बच्चों की जानकारी लेकर पहुंच रहे बहुत से परिजन, मांगी जा रही कोविड टेस्ट की रिपोर्ट
बाल कल्याण समिति के पास अनाथ बच्चों की जानकारी लेकर बहुत से परिजन पहुंच रहे हैं। ऐसे में बच्चों के माता-पिता की मौत की वजह से कोरोना ही है, इसे जानने के लिए उनकी कोविड-19 टेस्ट रिपोर्ट मांगी जा रही है। इसके अलावा उनसे मृत्यु प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और आय प्रमाण पत्र भी जा रहा है। सीडब्ल्यूसी गहनता से जांच के लिए आसपड़ोस के लोगों के लोगों के बयान भी दर्ज कर रही है।
शहरवासियों से अपील है कि किसी भी अनाथ बच्चे की जानकारी मिलते ही वह तत्काल प्रभाव से चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 पर संपर्क करें। वहीं 93549-11073 पर कॉल कर सूचना दें, ताकि जल्द से जल्द बच्चों तक टीम पहुंच सके। जिले में कोरोना की वजह से यतीम हुए बच्चों की खोज को सफल बनाने में सीडब्ल्यूसी की मदद करें।
- डॉ. मुकेश आर्य, जिला बाल कल्याण समिति अधिकारी
कोरोना काल में अनाथ हुए बच्चों खोज में ये लोग लगे
सीएम ने हर जिला प्रशासन को कोरोना कॉल में अपने माता-पिता को खोने वाले बच्चों का डाटा एकत्रित करने के आदेश दिए हैं। बाल कल्याण समिति, जिला बाल कल्याण अधिकारी, चाइल्ड लाइन अधिकारी, आंगनबाड़ी वर्कर, एएनएम और एनजीओ ऐसे बच्चों का डाटा एकत्रित करने में जुटे हुए है। इस रिपोर्ट महिला एवं बाल विकास आयोग पंचकूला को सौंपी जा रही है।
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