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Panipat News: लिंगानुपात में पिछड़ा पानीपत, 61 गांवों में स्थिति खराब

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पानीपत। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान का नारा देने वाली टेक्सटाइल नगरी लिंगानुपात में लगातार पिछड़ रही है। पिछले चार माह का लिंगानुपात 900 से भी कम है। इस आंकड़े ने स्वास्थ्य विभाग पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान भी धीरे धीरे दम तोड़ रहा है। पानीपत का पिछले चार माह का लिंगानुपात महज 877 दर्ज किया गया है। 61 गांव तो पानीपत के ऐसे हैं जहां लिंगानुपात 700 से भी कम है।
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सबसे चिंताजनक स्थिति कवी, उझा, सींक, उग्राखेड़ी , मतलौडा, अहर सामुदायिक केंद्र के अंतर्गत आने वाले गांवों की है। यहां छह छह गांवों का लिंगानुपात 700 से भी कम है। अब स्वास्थ्य विभाग यहां लिंगानुपात बढ़ाने के लिए नुक्कड़ नाटकों का आयोजन करेगा। नाटक के माध्यम से ग्रामीणों को लिंगानुपात के प्रति जागरूक किया जाएगा। 2023 में पानीपत का लिंगानुपात 920 था। पानीपत प्रदेश में आठवें स्थान पर रहा था।



लिंगानुपात में पिछड़ने के यह बड़े कारण
2015 से 2020 के बीच स्वास्थ्य विभाग ने भ्रूण जांच के खिलाफ 80 रेड की। कई प्रदेशों में बड़े स्कैंडल का पर्दाफाश किया गया। 100 से अधिक मेडिकल स्टोरों पर कार्रवाई की गई । इन छह सालों में हर माह औसतन आठ- नौ सफल रेड की जाती थी। 2020 के बाद पीएनडीटी इंचार्ज बदले। पिछले चार सालों में 15 साल से भी कम रेड की गई है। जागरूकता कार्यक्रम न के बराबर हुए। समय समय पर पीएनडीटी इंचार्ज बदलते रहे। ऐसे में लिंग जांच के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पाई।
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पीएचसी स्तर पर लिंगानुपात व पीएचसी के अंतर्गत इतने गांवों का लिंगानुपात 700 से कम:

पीएचसी- लिंगानुपात- इतने गांव का 700 से कम लिंगानुपात
पीएचसी सिवाह : 995 3
पीएचसी काबड़ी : 839 3

सीएचसी खाेतपुरा : 688 4

सीएचसी अहर : 765 6

पीएचसी मांडी : 955 3

पीएचसी नाैल्था : 930 1

पीएचसी कवी : 712 6

पीएचसी उग्राखेड़ी : 974 4

पीएचसी चुलकाना 873 4

पीएचसी मतलाैडा : 771 4

पीएचसी रेरकलां : 938 1

पीएचसी पट्टीकल्याणा : 750 2

पीएचसी उझा : 983 5

पीएचसी सींक : 622 5

पीएचसी इसराना : 807 3

सीएचसी बापाैली : 1020 3

पीएचसी आट्टा : 1087 1

सीएचसी ददलाना : 1090 2

पीएचसी नारायणा : 1183 1


लोगों को करेंगे जागरूक- सिविल सर्जन
गिरता लिंगानुपात चिंता का कारण है। इस दिशा में काम किया जा रहा है। लिंग जांच करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लोगों को लिंगानुपात के प्रति जागरूक किया जाएगा। जहां लिंगानुपात 700 से कम है वहां पर नुक्कड़ नाटकों से लोगों को जागरूक किया जाएगा।
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डॉ. जयंत आहूजा, सिविल सर्जन, पानीपत
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