मृतक अभिमन्यू का फाइल फोटो। संवाद
पानीपत। आठ मरला पुलिस चौकी के हवलदार अभिमन्यु की प्रताड़ना से परेशान होकर जान गंवाने वाले बिंझौल निवासी गुरमीत के शव का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। एसपी लोकेंद्र सिंह ने मामले में संज्ञान लेते हुए आठ मरला चौकी प्रभारी एएसआई सुनील व हवलदार अभिमन्यु को निलंबित कर दिया है। इस मामले की जांच मॉडल टाउन पुलिस थाना प्रभारी राकेश कुमार को सौंपी गई है।
प्राथमिक जांच में आठ मरला चौकी प्रभारी की भी लापरवाही मिली है। हालांकि इस मामले में हवलदार अभिमन्यु, बिंझौल निवासी राजपाल व सुरेश के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने पर केस दर्ज हो चुका है। गुरमीत के दादा मामन राम ने बताया कि गुरमीत (24) तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। वह ट्यूबवेल पर मोटर मैकेनिक था। उसने पहली बार चार हजार रुपये में करीब सात माह पहले सेकेंड हैंड टच स्क्रीन मोबाइल लिया था।
गुरमीत इसी मोबाइल बेचकर हवलदार अभिमन्यु को रिश्वत देना चाहता था लेकिन मोबाइल पुराना होने के कारण बिक नहीं रहा था। उनके अनुसार मोबाइल बिक गया होता, तो वह अभिमन्यु को रिश्वत दे देना। 26 दिसंबर की दोपहर को गुरमीत ने अपने दोस्त हड़ताड़ी निवासी ललित को फोन किया। उसने अपने दोस्त से कहा कि उसने उसे एक ऑडियो रिकॉर्डिंग व्हाट्सएप पर भेजी है और वह पुलिस वाले की धमकी से परेशान हो गया है। इसलिए वह जहर पी रहा है। दोस्त ने तुरंत चचेरे भाई सूरज को फोन कर इस बारे में बताया। इसके बाद गुरमीत ने सूरज को भी फोन किया और कहा कि उसने जहर पी लिया है और वह चौकी के बाहर पड़ा है। इसके बाद गुरमीत को अस्पताल ले जाया गया था। जहां से उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। उपचाराधीन गुरमीत ने 31 दिसंबर को गुरमीत ने दम तोड़ दिया।
वर्जन-
चौकी प्रभारी सुनील व हवलदार अभिमन्यु को निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच मॉडल टाउन पुलिस थाना प्रभारी राकेश कुमार को सौंपी गई है। जांच में जो भी दोषी होगा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।