पानीपत। रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से छिड़े युद्ध के बीच पानीपत समेत प्रदेश व देश के उद्यमी रूस की धरती पर टेक्सटाइल के रंग बिखेरेंगे। वे रूस की राजधानी मास्को में दो से पांच सितंंबर को टेक्सटाइल प्रदर्शनी में शामिल होंगे। यहां उद्यमी अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाएंगे। प्रदर्शनी में पिछली बार की तरह करोड़ों रुपये के ऑर्डर मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। यह खासकर यूरोप के देशों में व्यापार को बढ़ाना देने में भी सहायक होगी।
पानीपत के टेक्सटाइल उत्पादों की कई देशों में बड़ी मांग है। यूरोपियन देशों की बड़ी मंडियों में भारतीय उत्पाद चीन को कड़ी टक्कर देते हैं। रूस देश में पानीपत के टेक्सटाइल के उत्पादों का बड़ा निर्यात होता है। रूस और यूक्रेन के युद्ध के चलते पिछले दिनों से व्यापार कम हो गया था। पिछले साल कुछ उद्यमी रूस की राजधानी मास्को में आयोजित प्रदर्शनी भी शामिल हुए थे। इन सबके बीच उनको अपेक्षाकृत ऑर्डर भी मिले थे। बाकी उद्यमियों ने इस बार लगने वाली प्रदर्शनी का इंतजार था। यह प्रदर्शनी इस बार दो से पांच सितंबर को मास्को में लगाई जाएगी। इसमें पानीपत समेत प्रदेश के करीब 50 उद्यमियों का दल 31 अगस्त को मास्को के लिए रवाना होगा। उद्यमियों ने अपने प्रमुख डिजाइन और उत्पादों को पहले ही भेज दिया है। उनकी एक टीम प्रदर्शनी स्थल पर पहुंच गई है। विदित है कि पानीपत का निर्यात करीब 16 हजार करोड़ का है।
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अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी में मिलते हैं बड़े ऑर्डर
निर्यातक ललित गोयल, राकेश जैन व सुरेश तायल समेत कई उद्यमी पानीपत से जाएंगे। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शनी और मेले व्यापार में बड़े सहायक होते हैं। यूरोप के देशों में बड़ी मंडी हैं। यहां सर्दियों में बिकने वाले सामान की बड़ी मांग रहती है। वे भारतीय उत्पादों को पसंद भी करते हैं। यहां के कई ऑर्डर पर पूरा साल काम चलता रहता है। इसके अलावा विदेशी ग्राहक एक दूसरे से जुड़े होने के चलते आगे नए ऑर्डर भी मिलने की उम्मीद रहती है।
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रूस की राजधानी मास्को में दो से पांच सितंबर को अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी में पानीपत के कई निर्यातक शामिल होंगे। इसको लेकर सबकी तैयारी पूरी कर ली गई हैं। इससे आने वाले समय ऑर्डर भी मिलेंगे।
विनोद ग्रोवर, चेयरमैन, चैंबर ऑफ कॉमर्स, पानीपत।