रेलवे स्टेशन पर खुले में प्रयोग किए जा रहे गैस सिलेंडर एक बड़े हादसे को न्योता दे रहे हैं। रेलवे स्टेशन पर रोजाना तीस हजार रेल यात्रियों का आवागमन होता है।
ऐसे में रेहड़ी चालकों की मनमर्जी रेल यात्रियों पर भारी पड़ सकती है। रेलवे और जीआरपी अधिकारी इन पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं कर रहे।
दिल्ली डिविजन के आदेशों अनुसार रेलवे स्टेशन पर खुले में रेहड़ी चालक गैस सिलेंडर का प्रयोग नहीं कर सकता। अगर रेहड़ी चालक ऐसा करता पाया जाता है तो रेलवे की ओर से ऊपर जुर्माने का प्रावधान है।
लेकिन बिना किसी डर के रेहड़ी चालक अपनी मनमर्जी कर नियमों का की उल्लघंना कर रहे है। रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म नंबर एक व दो पर कुछ रेहड़ी चालक खुले में गैस सिलेंडर का प्रयोग कर उच्चाधिकारियों के आदेशों की सरेआम अनदेखी की जा रही है।
रेहड़ी पर लगे बॉक्स में ही हो सिलेंडर
दिल्ली डिविजन के आदेशों अनुसार रेलवे स्टेशन पर रेहड़ी चालक गैस सिलेंडर को रेहड़ी पर लगे बॉक्स में ही रखकर प्रयोग कर सकता है। बावजूद इसके कुछ रेहड़ी चालक गैस सिलेंडर को प्लेटफार्म पर खुले में रखकर प्रयोग कर रहे है। यह एक बड़े हादसे को न्यौता दे रहा है।
पांच साल से रेलवे स्टेशनों पर नियम लागू
रेलवे द्वारा लगभग पांच साल पहले सभी रेलवे स्टेशन पर रेहड़ी चालकों को सख्त हिदायत देते हुए रेहड़ी पर बाक्स अनिवार्य कर गैस सिलेंडर का प्रयोग करने की हिदायत दी थी। अगर कोई बिना बाक्स के गैस सिलेंडर प्रयोग करता पाया जाता है उस पर जुर्माना किए जाने का प्रावधान है।
वर्जन
रेलवे स्टेशन पर सभी रेहड़ी चालक बॉक्स के अंदर ही गैस सिलेंडर का प्रयोग कर रहे है। रेल यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेहड़ी चालकों को सख्त आदेश दिए हुए है। अगर ऐसा कोई करता पाया जाता है उस पर जुर्माना किया जाएगा।
संजीव शाह, सीएमआई रेलवे स्टेशन, पानीपत