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सरचार्ज माफी के लिए लगाया खुला दरबार

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पानीपत। दरबार में लोगों की समस्या सुनते हुए। - फोटो : Panipat
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पानीपत। बिजली निगम ने शनिवार को वार्ड नंबर दस में सनौली रोड सब्जी मंडी के पास शिव मंदिर में एक खुला दरबार लगाया। ये दरबार मुख्य तौर पर सरचार्ज माफी योजनाओं की जानकारी और लाभार्थियों को इसका फायदा देने के लिए लगाया गया था, लेकिन मौके पर निगम उपभोक्ता बिजली संबंधित दूसरी समस्याओं को हल करवाने के लिए पहुंच गए। हालांकि निगम ने सभी उपभोक्ताओं की समस्याओं को सुना और उनके समाधान का भी प्रयास किया। इस दौरान कुल 18 शिकायतें आई इनमें से 10 का समाधान किया गया।
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इनमें से पांच आवेदन सरचार्ज माफी वाली योजना के भी रहे। खुले दरबार में पर्ल प्लाजा जीटी रोड के मालिक ने अपना बकाया करीब सवा लाख रुपये का बिल भरते हुए निगम द्वारा काटे गए कनेक्शन को भी जुड़वाया। निगम अधिकारियों ने बताया कि ये दरबार मुख्य तौर पर सरचार्ज माफी के लिए लगाया गया है। इस योजना में जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन 30 जून से पहले कटे हुए हैं, उनके बिलों में लगे ब्याज माफ किया जा रहा है। साथ में मूल राशि में से 25 प्रतिशत जमा करवाने और बाकी की राशि को 6 किश्तों में लेने की भी योजना है। महज 25 प्रतिशत राशि जमा करवाने पर कनेक्शन भी चालू हो जाता है।
इस दौरान दरबार में पहुंचे लोगों ने सनौली रोड समेत आसपास के एरिया में लंबे समय से बंद पड़ी कई दुकानों के दुकानदारों ने अपनी बंद दुकानें खुलवाकर अंदर लगे बिजली मीटरों को बाहर निकलवाया। इस मौके पर पार्षद रविंद्र भाटिया समेत जेई संदीन सैैनी, लाइनमैन सुरेश समेत रिटायर्ड जेई विजय कुमार भी मौजूद रहे।
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नहीं हुआ समस्या का समाधान
उपभोक्ता विशाल ने बताया हमारे मीटर का बिल करीब 21 हजार रुपये आया था। इसको कम करवाने के लिए खुले दरबार में आए थे लेकिन निगम अधिकारियों ने कहा कि ऐसे बिल कम नहीं हो सकता।
दो महीने से नहीं आया बिल
उपभोक्ता ताराचंद ने बताया कि दो महीने से बिल नहीं आ रहा था। इसकी शिकायत खुले दरबार में संदीप जेई को दी। जेई ने तुंरत प्रभाव से बिल मंगवाया और समस्या का समाधान हो गया।
वर्जन-
दरबार में सभी प्रकार की समस्याएं आईं। कुल 18 शिकायतें थी जिनमें से 10 का मौके पर ही समाधान किया गया। इसमें कुछ उपभोक्ताओं ने मौके पर बकाया बिल भरा। कुछ की शिकायत दी थी कि उनके मीटर बंद दुकानों के अंदर थे, इसलिए स्मार्ट मीटर नहीं लगाए जा सके। इसके अलावा स्मार्ट मीटरों की एमसीओ भी नहीं चढ़े हुए थे। संबंधित उपभोक्ताओं के मीटरों को स्मार्ट मीटर में बदला गया।
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संदीप सैनी, जेई, सब अर्बन सब डिविजन।
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