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दरबार में पहुंची केवल 2 शिकायतें, उनका भी नहीं हुआ समाधान, पूरा दिन खाली बैठी रही टीम

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सेक्टर 6 स्थित 33 केवी पावर हाउस में सीजीआरएफ द्वारा आयोजित खुले दरबार में उपभोक्ताओं की समस्याएं ? - फोटो : Panipat
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बिजली निगम की उपभोक्ता कष्ट निवारण संघ की टीम की ओर से बुधवार को सेक्टर-6 स्थित 33केवी पावर हाउस में खुला दरबार लगाया गया। जिसमें केवल दो शिकायतें आईं और उनका भी समाधान नहीं हो पाया। इन शिकायतों को भी अधिकारियों ने संबंधित एसडीओ के हवाले कर दिया गया और उपभोक्ताओं को आश्वासन लेकर ही लौटना पड़ा। दोनों ही शिकायतें गलत बिजली बिल से संबंधित रही। खास बात ये रही कि करीब चार महीने बाद लगे खुले दरबार में निगम उपभोक्ताओं ने शिकायत को लेकर कोई रुचि नहीं दिखाई।
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सीजीआरएफ टीम के साथ बिजली निगम के अधिकारी भी खुले दरबार के चलते सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक खाली ही बैठे रहे। कम शिकायतें आने पर सीजीआरएफ चेयरमैन आरके शर्मा ने बताया कि पिछली सभी लंबित शिकायतों का समाधान हो चुका है। अबकी बार शिकायत कम आई हैं। हो सकता है निगम उपभोक्ता बिजली निगम की कार्यप्रणाली से संतुष्ट हों। ये भी हो सकता है कि प्रचार-प्रसार की वजह से लोगों को खुले दरबार का पता ही न चल पाया हो। हालांकि इस दौरान कई अन्य शिकायतें भी आईं, लेकिन उनके पास शिकायत नंबर न होने की वजह से उनको बैरंग ही लौटना पड़ा। वे शिकायतें भी औसतन बिल भेजने, रीडिंग न लेने और गलत बिल से संबंधित रहीं। इसलिए 27 अगस्त को फिर से सिटी डिविजन कार्यालय गोहाना रोड पर ही खुला दरबार लगाया जाएगा।
ये भी पहुंचे शिकायत लेकर
सेक्टर 11-12 से एक बुजुर्ग महिला की शिकायत लेकर उनका पड़ोसी पहुंचा। जिसमें जिक्र था कि उन्हें पिछले चार साल से बिजली बिल नहीं मिल रहे हैं। वह बहुत परेशान हैं। उसकी मांग है कि उसके घर पर बिल पहुंचाए जाएं, क्योंकि वह निगम में आने के योग्य नहीं है। इसके लिए हर बार उसे किसी न किसी पड़ोसी को निगम में भेजना पड़ता है।
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भेज रहे एवरेज बिल : करतार सिंह
न्यू मॉडल टाउन निवासी करतार सिंह ने खुले दरबार में शिकायत देते हुए बताया कि उसका एवरेज का बिल आ रहा था। खुले दरबार में शिकायत देकर बिल ठीक करवाया था। उसके बाद दो महीने बिल ठीक आया, अब फिर एवरेज बिल दिखाकर 52 हजार का बिल भेज दिया। खुले दरबार न लगने का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है।
मीटर बदलवाते ही बढ़ता गया बिल : रामफल
बरसत रोड निवासी रामफल ने खुले दरबार में शिकायत देते हुए बताया कि उसका चार महीने पहले मीटर बदला गया था। मीटर बदलने से पहले उसका बिल 800 रुपये तक आता था। मीटर बदलने के चार महीने बाद उसने बिल निकलवाया तो उसमें 16500 रुपये का बिल निकला। जबकि इतनी रीडिंग भी नहीं निकली है। उसने बताया कि पहले दो महीने के बिल यूनिट पर कम चार्ज लगता है, उसके बाद यूनिटों पर चार्ज बढ़कर आ रहा है। इतना बिल वह कैसे भर पाएंगे।
कोरोना की वजह से पिछले तीन चार महीने से खुला दरबार नहीं लगाया जा रहा था। अबकी बार लगाया है। इसमें दो शिकायत आई हैं, जिनको संबंधित अधिकारियों को सौंप कर समाधान करवाने के निर्देश दिए गए हैं।
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-आरके शर्मा, चेयरमैन, सीजीआरएफ

करतार सिंह।- फोटो : Panipat

हिमांशु।- फोटो : Panipat

रामफल।- फोटो : Panipat

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