पानीपत। पानीपत तहसील में 11वें दिन खेत की एक रजिस्ट्री की गई है। इसके साथ तहसील में दो रजिस्ट्री हुई हैं। दोनों खेतों की हैं। शहर की रजिस्ट्री में प्रॉपर्टी आईडी बाधा बन रही है। यहां रजिस्ट्री के लिए प्रॉपर्टी आईडी नजर नहीं आ रही है। वहीं डेशबोर्ड भी नहीं दिख रहा है।
जिले में 1 नवंबर को पेपरलेस रजिस्ट्री शुरू की थी। मंगलवार को बुड़शाम गांव की एक रजिस्ट्री की गई है। यह रजिस्ट्री भी खेतों की है। एक किसान ने अपनी जमीन की रजिस्ट्री कराई है। उन्होंने रजिस्ट्री होने के बाद राहत की सांस ली हैं। वहीं इससे पहले पानीपत तहसील में चंदौली गांव की खेतों की एक रजिस्ट्री हुई थी। अब तक दो रजिस्ट्री हुई हैं। वहीं जिले में अब तक रजिस्ट्री नहीं हो पाई हैं। समालखा में गत दिनों में पांच रजिस्ट्री दर्ज की थी। जिले में अब तक सात रजिस्ट्री हो पाई हैं।
शहर में नहीं हो पा रही रजिस्ट्री
नगर निगम अधिकार क्षेत्र में रजिस्ट्री नहीं हो पा रही हैं। सॉफ्टवेयर में प्रॉपर्टी आईडी नजर नहीं आ रही हैं। वहीं अन्य कई बिंदू भी हैं। सेक्टर-12 के अशोक गुप्ता ने बताया कि उनको प्लॉट की रजिस्ट्री करानी है। पेपरलेस रजिस्ट्री के लिए आवेदन किया था। अब तक रजिस्ट्री नहीं हो पाई हैं। कृष्णपुरा के राजबीर ने बताया कि उनको प्लॉट की रजिस्ट्री करानी है। अब तक ऑनलाइन एप्लाई नहीं हो पा रही हैं।
तहसील में मंगलवार को कृषि क्षेत्र की एक रजिस्ट्री हुई है। इससे पहले भी एक रजिस्ट्री कृषि हुई थी। शहर में प्रॉपर्टी आईडी नजर नहीं आ रही है।
- सौरभ शर्मा, नायब तहसीलदार, पानीपत