माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के दिल्ली एनसीआर में ग्रैप-3 लागू करने से औद्योगिक नगरी में निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर रोक लगा दी है। साथ ही स्टोन क्रशर, खनन और हॉट-मिक्स संयंत्रों को बंद कर दिए हैं और गैर स्वच्छ ईंधन वाले डीजल जेनरेटर के उपयोग पर रोक लगा दी है। इससे औद्योगिक और दूसरे प्रतिष्ठानों पर गैर स्वच्छ ईंधन वाले डीजल जेनरेटर नहीं चल पाएंगे। प्रशासन ने ग्रैप-3 में धरातल पर नियमों की पालना जांचने के लिए एचएसपीसीबी, नगर निगम और संबंधित विभागों की एक संयुक्त टीम का गठन कर दिया है। यह टीम औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जांच करेगी। वहीं पानीपत का एक्यूआई अभी 238 है। औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने ग्रैप में दिल्ली की बजाय पानीपत के एक्यूआई को आधार मानने की मांग की है।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने दिल्ली एनसीआर में 14 अक्तूबर को ग्रैप-1 लागू किया था। अब 27 दिन में ही ग्रैप-3 में पहुंच गए हैं। आयोग ने मंगलवार को ग्रैप-3 की शर्तों को लागू कर दिया। यह एक्यूआई के गंभीर श्रेणी (401-450) में जाने पर लागू होती है। पानीपत में मंगलवार को सुबह एक्यूआई 232 रहा और यह शाम तक बढ़कर 238 पर पहुंच गया। हालांकि गत सप्ताह एक्यूआई 300 पार तक पहुंच गया था। अब तीन दिन से एक्यूआई में कुछ राहत है। अब आयोग ने ग्रैप-3 लागू कर दिया है।
ग्रैप-3 में ये प्रमुख प्रतिबंध
निर्माण और विध्वंस पर प्रतिबंध : गैर-जरूरी निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगा दी जाती है। सरकारी निर्माण कार्य अभी जारी रहेंगे।
वाहनों पर रोक : बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल चार पहिया वाहनों का परिचालन बंद कर दिया है।
निर्माण सामग्री का परिवहन : रेत और सीमेंट जैसी निर्माण सामग्री के परिवहन पर प्रतिबंध होगा। कच्ची सड़कों पर इस तरह की गतिविधियां नहीं की जा सकेंगी।
उद्योगों पर रोक : स्टोन क्रशर, खनन और हॉट-मिक्स संयंत्रों को बंद किए गए हैं। रिफाइनरी के आसपास इस तरह की गतिविधियां चलाई जाती हैं। अब इन पर रोक रहेगी।
डीजल जनरेटर पर रोक : गैर-स्वच्छ ईंधन वाले डीजल जेनरेटर के उपयोग पर रोक लगा दी है। ऐसे में औद्योगिक इकाइयों में जेनरेटर नहीं चल पाएंगे।
उद्यमी बोले पानीपत पर आधारित हो ग्रैप
हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स पानीपत चैप्टर के प्रधान विनोद धमीजा ने बताया कि पानीपत और दिल्ली के एक्यूआई में आधा अंतर होता है। ऐसे में दिल्ली के एक्यूआई की शर्तों को पानीपत में लागू करना ठीक नहीं है। इससे उद्योगों का उत्पादन प्रभावित होगा। उद्यमी पहले ही अमेरिका टैरिफ के चलते परेशान हैं।
पानीपत डायर्स एसोसिएशन के प्रधान नीतिन अरोड़ा ने बताया कि डाई हाउस में एक-एक रुपये की बचत पर काम होता है। पंजाब के डायर्स पानीपत में आकर काम कर रहे हैं। जबकि उनको काम बंद करना पड़ता है। पानीपत को दिल्ली एनसीआर की शर्तों से बाहर करना चाहिए।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने ग्रैप-3 लागू कर दिया है। इस दौरान औद्योगिक इकाइयों या अन्य स्थानों का औचक निरीक्षण किया जाएगा। किसी प्रकार की अनियमितता मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कुलदीप, एसडीओ, एचएसपीसीबी।