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बागी पार्षदों को ऑफर और धमकी!

Wed, 08 Jan 2014 12:03 AM IST
अमर उजाला, पानीपत
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पानीपत। मेयर भूपेंद्र सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लामबंद होने वाले कांग्रेस समर्थित पार्षदों को ऑफर और धमकी का सिलसिला शुरू हो गया है। इससे शहर की सरकार को लेकर राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है।
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इन पार्षदों ने बैठक में एकजुट रहकर भविष्य की रणनीति बनाई है। वहीं मेयर ने रूठे पार्षदों के एक-एक कर वापस आने का दावा किया है और दो से तीन दिन में इन सभी पार्षदों के साथ एकजुट होकर विकास कार्य कराने की बात कही है।

कांग्रेस समर्थित आठ पार्षदों के मेयर भूपेंद्र सिंह के खिलाफ लामबंद होने की चर्चा मंगलवार को शहर ही नहीं बल्कि पूरे जिले में रही। शहर के कई लोगों ने रूठे पार्षदों से संपर्क साधने का प्रयास किया और इनके दिनभर फोन बजते रहे। पार्षदों का आरोप है कि कई कॉल में उनको ऑफर आई तो कई कॉल में धमकी भरे लहजे में उल्टा सीधा कहा गया।
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कांग्रेस से बागी आठ में से सात पार्षदों ने मंगलवार को बैठक कर एकजुट रहने का फैसला लिया। आठवीं पार्षद शहर से बाहर रहने के चलते मीटिंग में शामिल नहीं हो सकीं। वार्ड-15 के पार्षद सुरेंद्र गर्ग की अगुवाई में मंगलवार दोपहर बाद उनके खन्ना रोड कृष्णपुरा स्थित कार्यालय में बैठक हुई।

उन्होंने कहा कि वे मेयर भूपेंद्र सिंह की कार्यशैली से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कई बार मेयर के सामने अपनी बातों को रखा। लेकिन हर बार उनकी मांगों को अनदेखा किया गया। इससे उनमें रोष बढ़ गया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग उनको ऑफर करने के साथ धमकी भी दे रहे हैं।

वे मेयर के खिलाफ एकजुट हैं और कांग्रेस का दूसरा मेयर बनाना चाहते हैं। इसको लेकर रोहतक मंडल के आयुक्त और डीसी पानीपत को अपनी मांग रख चुकी हैं। इस मौके पर पार्षद सुनील वर्मा, पार्षद जयकुमार, रामचंद्र कादियान, रामरत्न अग्रवाल, संजीव कुमार और राजबीर सिंह मौजूद रहे।

इधर मेयर भूपेंद्र सिंह और शहर विधायक बलबीर पाल शाह ने भी पार्षदों के बागी होने को गंभीरता से लिया है। दोनों ने अपने स्तर पर इसके प्रयास शुरू कर दिए हैं। मेयर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि ये सभी पार्षद कांग्रेस के सच्चे सिपाही हैं और एक दिन वापस आ जाएंगे। उनको कांग्रेस या मेयर से कोई दिक्कत नहीं है। दो-तीन पार्षद उनके संपर्क में हैं और उनकी नाराजगी दूर हो गई है। बाकी पार्षद भी दो-तीन दिन में साथ खड़े होंगे। वे मीडिया के सामने सबके साथ रूबरू होंगे।

मेयर भूपेंद्र सिंह की कुर्सी को हिलाने वाले पार्षद सुरेंद्र गर्ग ने अगले दिन ही कांग्रेस को भी झटका दे दिया। वे अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस छोड़ आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए और खन्ना रोड अपने कार्यालय में कार्यक्रम आयोजित कर इसका ऐलान भी कर दिया। उनके इस कार्यक्रम में नगर निगम के ये बाकी पार्षद भी थे। हालांकि बाकी पार्षद पार्टी में शामिल नहीं हुए।

कांग्रेस समर्थित आठ पार्षद मेयर भूपेंद्र सिंह से नाराज हो गए और सात पार्षदों ने उपस्थित और एक पार्षद ने शपथ पत्र देकर भूपेंद्र सिंह को मेयर पद से हटाने की कही। उन्होंने रोहतक मंडल के आयुक्त व डीसी पानीपत से मिलकर अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बैठक बुलाने की मांग की। उनके साथ विपक्ष के नौ पार्षद भी साथ थे। डीसी समीर पाल सरो के न होने पर एडीसी आरएस वर्मा ने उनको इस मामले में उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया। इसके बाद ये सब पार्षद शहर ही नहीं पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गए।

वर्जन
मैंने किसी पार्षद को फोन नहीं किया है और न ही उनसे मिला हूं। मैं किसी को ऑफर और धमकी नहीं दे सकता। वे सभी पार्षदों को साथ लेकर चल रहे हैं और भविष्य में भी साथ रखेंगे। विकास को लेकर किसी भी पार्षद को नाराज नहीं होने देंगे।
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भूपेंद्र सिंह, मेयर, नगर निगम पानीपत

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