इसराना। इसराना सब डिवीजन पॉवर हाउस परिसर में बिजली विभाग और अन्य विभागों के कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए तहसील कार्यालय पहुंचकर राज्य के मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
कर्मचारियों की अगुवाई करते हुए कर्मचारी यूनियन के यूनिट प्रधान सीताराम शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों की मांगें न मान कर कर्मचारियों के हितों के साथ खिलवाड़ कर रही है। सरकार से कई बार बातचीत भी हुई। लेकिन सरकार का रवैया नकारात्मक रहने से कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। अगर सरकार ने बीस जनवरी तक कर्मचारियों के साथ तालमेल कर कोई समाधान नहीं निकाला तो 21 जनवरी से 23 जनवरी तक 72 घंटे की राज्यव्यापी हड़ताल होगी।
यूनिट प्रधान सीताराम शर्मा ने मांगों के बारे में कहा कि हरियाणा के कर्मचारियों के लिए पंजाब की तर्ज पर राज्य स्तर पर आयोग का गठन हो। छठे वेतन आयोग के भेदभाव दूर कर केंद्र के समान वेतन, ग्रेड पे, भत्ते दिए जाए। हरियाणा रोडवेज के 3519 रूट परमिटों को निजी हाथों में देने और शिक्षा विभाग में लागू की गई अव्यवहारिक रेशनेलाइजेशन की नीति के निर्णय को रद्द किया जाए। आउट सॉर्सिंग, पीपीपी, निजीकरण, ठेकाकरण और फ्रेंचाइजी की नीतियों को वापस लिया जाए। सरकारी विभागों बोर्डों, निगमों में वर्कलोड के अनुसार नए पदों का सृजन हो और खाली पदों पर मेरिट के आधार पर स्थायी भर्ती की जाए। आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर, आशा वर्कर, मिड-डे-मील वर्कर और ग्रामीण चौकीदारों को कर्मचारी का दर्जा देकर 15 हजार न्यूनतम मासिक वेतन किया जाए।
तहसीलदार राजकुमार भौरिया को सीएम के नाम ज्ञापन सौंपते हुए चेताया कि अगर सरकार ने बीस जनवरी तक कर्मचारियों के साथ तालमेल कर कोई समाधान नहीं निकाला तो 21 से 23 जनवरी तक72 घंटे की राज्यव्यापी हड़ताल होगी। इस मौके पर राजेंद्र सिंह, दिलबाग सिंह, महेंद्र सिंह, नरसा राम, ऋषि राम, कृष्ण कुमार, सुनील कुमार, कर्मबीर, रामफल, बलकार, राजेश, अनिल, सुरेंद्र और राजबीर मौजूद रहे।