पानीपत। जिले में आपराधिक मामलों की जांच को रफ्तार देने के लिए जिला फॉरेंसिक साइंस प्रयोगशाला स्थापित की गई है। अब पुलिस को केस से जुड़े नमूने लेकर मधुबन लैब के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पानीपत में ही सभी घटनाओं से जुड़े नमूने एकत्र होंगे और यहीं से एक साथ जांच के लिए मधुबन भेजा जाएगा। साथ ही नमूनों की जांच रिपोर्ट ट्रैकिंग भी हो सकेगी।
इसके लिए प्रयोगशाला में प्रशिक्षित कर्मचारियों की भी तैनाती की गई है। नए कानून लागू होने के बाद फोरेंसिक जांच का दायरा बढ़ गया है। जिस कारण प्रयोगशालाओं में कार्यभार भी कई गुणा बढ़ा है। प्रत्येक केस से जुड़े जांच अधिकारी खुद ही विसरा, हथियार, खून के नमूने, डीएनए और अन्य फॉरेंसिक जांच के लिए नमूने लेकर मधुबन जाते थे। नमूने जमा कराने के बाद जांच रिपोर्ट के लिए भी बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे थे। जिससे पुलिस का काम भी बढ़ गया था।
इसी समस्या को देखते हुए सभी जिलों मिनी फोरेंसिक लैब शुरू की गई है। पानीपत में शहर थाना परिसर में जिला फॉरेंसिक साइबर लैब स्थापित की गई है। अब पुलिसकर्मी अपने केस से जुड़े नमूने यहीं पर जमा कराएंगे। जहां से प्रशिक्षित स्टॉफ के माध्यम से नमूनों को जांच के लिए मधुबन लैब भेजा जाएगा। इससे पुलिस का काम भी आसान होगा। साथ ही लैब में होने वाली अनावश्यक देरी से भी राहत मिलेगी।