इसराना। पेरिस पैरालंपिक में जैवलिन में स्वर्ण पदक विजेता नवदीप सिंह को अर्जुन अवार्ड मिला है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनको दिल्ली में आयोजित एक समारोह में यह अवार्ड दिया गया।
नवदीप सिंह के अर्जुन अवार्ड मिलने पर पैतृक गांव बुआना लाखू में खुशी का माहौल है। नवदीप सिंह ने अवार्ड लेने के बाद कहा कि अब उसकी जिम्मेदारी और बढ़ गई है। नवदीप ने बताया कि उनका अगला लक्ष्य अमेरिका में होने वाले पैरालंपिक-2028 में स्वर्ण पदक जीतना है। नवदीप सिंह की मां मुकेश ने बताया कि उनके व परिवार के लिए शुक्रवार का दिन बहुत अच्छा है। वह बेटे नवदीप सिंह को अर्जुन अवार्ड लेते देखकर बहुत खुश हुईं। उसने अपनी आंखों से सपना पूरा होता देखा है। नवदीप सिंह ने बताया कि वह अपने खेल में और अधिक सुधार लाएगा। इसको लेकर लगातार अभ्यास कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिताओं में देश का नाम रोशन करेंगे।
नवदीप सिंह बताया कि उसके पिता उसको पहलवान बनाना चाहते थे। वह बचपन में ही गांव के अखाड़े में जाने लगा था। उस समय उसकी उम्र करीब दस साल थी। यहां कोच नरेंद्र मलिक ने कुश्ती के कई दांव सिखाए। पिता दलबीर व मां मुकेश रानी को नवदीप के अखाड़े में कुश्ती के दांव देख उम्मीद जगी। नवदीप को इससे पहले बाल उत्कृष्ट अवार्ड मिल चुका है। उन्होंने यह सम्मान तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी से प्राप्त किया। दस साल पहले कमर में चोट लगने के बाद कुश्ती छोड़नी पड़ी थी। उन्होंने अपने सपने को साकार करने के लिए जैवलिन को थाम लिया।
नवदीप ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किया नाम रोशन ःनवदीप सिंह ने टोकियो पैरालंपिक-2020 में 40.80 पार कर चौथा स्थान पाया। वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप-2023 में 40.05 पार कर चौथा स्थान पाया। एशियन पैरा गेम्स-2024 में 40.48 मीटर के साथ चौथा स्थान पाने के बाद इसी वर्ष वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप-2024 में 42.82 मीटर पर तीसरा स्थान प्राप्त किया।