जितेंद्र नरवाल
पानीपत। शहर की मुख्य सीवर लाइन को नया बिछाने के प्रोजेक्ट पर अब ब्रेक लग गया है। सरकार के आदेशों पर अब पुरानी जर्जर सीवर लाइन का दोबारा सर्वे होगा। जहां जमीन खाली पड़ी है वहां सीवर लाइन नई बिछेगी। जहां तंग एरिया है वहां सीवर लाइन की मरम्मत की जाएगी।
सर्वे करने के लिए निगम टीम मैदान में उतर चुकी है। विशेष रूप से बबैल नाके से सिवाह एसटीपी प्लांट तक 11 किलोमीटर लंबी और छह फीट वर्गाकार सीवर लाइन का सर्वे किया जा रहा है। इस सीवर लाइन पर शहर के 26 में से 16 वार्डों के लाखों लोगों के घरों से पानी की निकासी निर्भर करती है।
गौरतलब है कि करीब 30 साल पुरानी ये लाइन इतनी जर्जर हो चुकी है कि पिछले डेढ़ साल के दौरान ये आठ बार धंस चुकी है। इससे आधे शहर की निकासी पर तो संकट के बाद छाए ही हुए हैं साथ में लोगों की जान का भी जोखिम बना हुआ है।
अधिकारियों का कहना है कि नई सीवर लाइन बिछाने पर लागत ज्यादा आएगी। जबकि अगर सीवर लाइन की मरम्मत की जाएगी तो लागत कम होगी। इससे उसकी ताकत बढ़ जाएगी और मियाद करीब 50 साल तक रहेगी जबकि नई सीवर लाइन की मियाद करीब 30 साल ही होगी। ऐसा इसलिए है क्योंकि पुरानी लाइन को जिस तकनीक से रिपेयर किया जाता है वह सीआईपीपी तकनीक है। इसमें मौजूदा लाइन के अंदर दूसरी लाइन डाल दी जाती है। इससे पुरानी लाइन की ताकत बढ़ जाती है।
अधिकारियों के मुताबिक, नई लाइन की मियाद ही 30 साल होती है। इस हिसाब किताब और लाइन की क्षमता को देखते हुए ज्यादातर लाइन की मरम्मत की योजना बनाई जा रही है। जहां लाइन बिल्कुल खस्ता है केवल वहीं लाइन को बदला जाएगा।
शहरवासियों की परेशानी भी वजह ः नई लाइन को बिछाने के लिए शहर के रोड उखाड़े जाएंगे। लंबे समय तक काम चलेगा। आवागमन प्रभावित रहेगा। मौजूदा लाइन को भी बंद नहीं किया जा सकता। इसके पास से नई लाइन को बिछाने के लिए 20 फीट तक खुदाई करनी होगी। ये खुदाई शुरू से लेकर आखिर तक होगी। चूंकि ये प्रोजेक्ट काफी बड़ा होगा जबकि जहां जहां सीवर लाइन को रिपेयर कर चलाया जा सकता है।
सरकार के आदेशों पर शहर की मुख्य सीवर लाइन का सर्वे किया जा रहा है। आवश्यकतानुसार लाइन को बदला या रिपेयर किया जा जाएगा। लोगों की सुविधा को देखते हुए ये फैसला लिया गया है। इस काम को जल्द से जल्द और गुणवत्तापूर्वक पूरा किया जाएगा। -अर्पित बुधवार, एसडीओ, नगर निगम।