पानीपत। नगर निगम ने अपने नाम के बोर्ड लगाने वाले जीटी रोड, मॉडल टाउन, रेलवे रोड व सनौली रोड के करीब 500 दुकानदारों को 2022 से अब तक चार्ज लगाकर दो से 20 लाख रुपये तक के नोटिस दिए हैं। निगम ने मूल के साथ जुर्माने की राशि को भी जोड़ा है। संयुक्त व्यापार मंडल ने इसको गलत बताया और विरोध में शुक्रवार को बैठक बुलाई है।
नगर निगम की ओर से दुकानों के बाहर लगे बोर्ड का एक पैमाना तय किया है। अधिकारियों की माने तो एक दुकानदार अपनी दुकान पर दो गुना दो फीट का बोर्ड लगा सकता है। इससे बड़ा व अतिरिक्त बोर्ड निगम के नियमों के खिलाफ है। नगर निगम अधिकारियों ने इसका आकलन कर नोटिस देना शुरू कर दिया है। गत सप्ताह रेलवे रोड से इसकी शुरुआत की। इसके बाद माॅडल टाउन, जीटी रोड और सनौली रोड के दुकानदारों को नोटिस थमा दिए हैं। निगम ने यह जुर्माना 10 दिन के अंदर जमा कराने की बात कही है।
मनमर्जी से नोटिस दिए ःदुकानदारों ने आरोप लगाया कि निगम अधिकारियों ने नोटिस जारी करने में मनमर्जी और भाई भतीजावाद किया है। बैंकों और शराब के ठेकों पर बड़े-बड़े बोर्ड लगाए गए हैं। इनको किसी प्रकार का नोटिस नहीं दिया।
दुकानदारों ने बताया कि मॉडल टाउन में चिकन की एक दुकान छह महीने पहले खुली है। निगम ने दुकान मालिक को करीब आठ लाख रुपये का नोटिस थमा दिया है। वहीं कई दुकानदारों को 20 लाख रुपये तक के नोटिस दिए हैं। प्रधान दर्शनलाल वधवा ने बताया कि दुकानदार एकजुट हैं।
नगर निगम के आयुक्त डॉ. पंकज ने बताया कि दुकानदारों को एक पैरामीटर के अनुसार बाहर बोर्ड लगाना है। जागरूक करने के बाद नोटिस दिया जा रहा है। किसी को गलत राशि का शक है तो वह इसकी दोबारा जांच करा सकते हैं। ब्यूरो