जीटी रोड संघर्ष समिति की ओर से हुडा की ग्रीन बेल्ट से अवैध कब्जा हटवाने
की मांग के लिए हुडा प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए कब्जा
हटवाने की मांग की।
जहां अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जल्द ही कारगर कदम उठाया जाएगा। बुधवार को हाईवे पर पैमाईश कार्य से पहले समिति सदस्य हुडा कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने मांग करते हुए हुडा ग्रीन पर बेल्ट पर किए गए अवैध कब्जे को जल्द से जल्द हटवाने के लिए कारगर उठाए जाने की मांग की।
समिति सदस्यों ने बताया कि हुडा की ग्रीन बेल्ट में बने शोरूम अवैध रूप से बने हैं।
उन्होंने बताया कि हुडा विभाग की ओर से अवार्ड नं. 4, 7 मई 1992 के तहत ग्रीन बेल्ट में मौजूद शोरूम धारकों को मुआवजा अवार्ड देकर जमीन का अधिग्रहण कर लिया था।
ज्यादातर शोरूम धारक कोर्ट में मुकदमा हार चुके हैं। हुडा विभाग की ओर से वर्ष 2008 में उक्त मालिकों को नोटिस देकर कब्जा हटवाने बारे कहा था। लेकिन आजतक समस्या ज्यों की त्यों बनी है। इस मौके पर जीटी रोड संघर्ष समिति के जोगेंद्र सिंह राठी, पवन मलिक और अजीत राठी मौजूद रहे।
हुडा की ग्रीन बेल्ट पर किए अवैध कब्जे के लिए संबंधित विभाग की ओर से शोरूम धारकों को नोटिस देने के बाद भी कब्जा नहीं हटाया। नोटिस दिए करीब आठ साल हो चुके हैं। लेकिन संबंधित विभाग की ओर से इसे गंभीरता से नहीं लिया।
जीटी रोड संघर्ष समिति के सदस्य जोगेंद्र राठी ने बताया कि हुडा की ग्रीन बेल्ट पर शोरूम धारकों की ओर से किए अवैध कब्जा हटवाने के लिए संबंधित विभाग की ओर से नोटिस भेज दिया। इसके बाद जब कब्जा नहीं हटाया तो संबंधित विभाग मौन रहा।
आरोप लगाया कि हुडा के प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत के चलते कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस कारण आजतक ग्रीन बेल्ट पर अवैध कब्जा किया है।