पानीपत। लघु सचिवालय में शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला की अध्यक्षता में जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक हुई। इसमें 18 नई और पुरानी शिकायतों को रखा गया। इसमें एक व्यक्ति ने फरियाद कर जान की सुरक्षा के लिए एक पुलिस कर्मी नहीं पुलिस चौकी ही मांग ली। मामला सुनकर डिप्टी सीएम ने कॉलोनी का सर्वे करवाने के बाद सरकारी जमीन पर पुलिस चौकी खुलवाने के निर्देश दिए।
बैठक में आए शिकायतों में से 14 का समाधान और समाधान करने का आश्वासन दिया गया। दो शिकायकर्ता के न आने पर उन्हें ड्रॉप कर दिया गया। दो अन्य शिकायतों को आगामी बैठक के लिए लंबित रखा गया। इस दौरान डिप्टी सीएम का कई शिकायतों पर कड़ा रुख भी नजर आया। खाद्य एवं सुरक्षा विभाग के खिलाफ मिली लापरवाही की शिकायत पर डिप्टी सीएम ने तुरंत प्रभाव से टीम भेज सैंपल लेने तक के आदेश दिए। बैठक में खजूर नगर निवासी रूपचंद ने शिकायत में बताया कि उन पर तीन लोगों ने जान से मारने की नीयत से हमला किया था। उनके सिर पर कस्सी से वार तक किए गए लेकिन पुलिस ने उपयुक्त धाराएं नहीं लगाई। इससे उन्हें इंसाफ नहीं मिला। अब उन्हें आरोपियों से डर है कि वे उन पर दोबारा हमला कर देंगे।
इस पर डिप्टी सीएम ने पुलिस को तलब किया और फरियादी से पूछा कि क्या उन्हें जान की सुरक्षा के लिए एक पुलिस कर्मी बतौर सुरक्षा के उपलब्ध करवा दिया जाए। उसने कहा कि उन्हें एक पुलिस कर्मी नहीं बल्कि कॉलोनी की सुरक्षा के लिए एक पुलिस चौकी चाहिए। उन्होंने कहा उनकी कॉलोनी में अपराध बहुत ज्यादा है। फरियादी की शिकायत पर डिप्टी सीएम ने एसपी को केस के इंवेस्टिगेशन अफसर को बदलवाने को कहा। साथ ही हरिसिंह कॉलोनी का सर्वे करवाने के बाद सरकारी जमीन पर पुलिस चौकी खुलवाने के लिए भी कहा।
इस मौके पर शहरी विधायक प्रमोद विज, ग्रामीण विधायक महिपाल ढांडा और इसराना विधायक बलबीर बाल्मिकी के अलावा जजपा नेता देवेंद्र कादियान, डीसी सुशील सारवान, निगमायुक्त आरके सिंह, एसपी शशांक कुमार सावन, एडीसी वीना हुड्डा, एसडीएम पानीपत धीरज चहल, एसडीएम समालखा अश्वनी मलिक, सीईओ जिला परिषद विवेक चौधरी, सीटीएम रविंद्र मलिक, डीटीटो सुशील कुमार भी उपस्थित रहे।
ये भी रही कुछ शिकायतें
आठ मरला निवासी पंकज शर्मा ने शहर के बढ़ रहे प्रदूषण व राष्ट्रीय राजमार्ग पर कटों को खोलने को लेकर शिकायत दी। इसके जवाब में उपायुक्त सुशील सारवान ने उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को आश्वस्त किया कि इस मामले पर आगामी एक माह में कार्रवाई रिपोर्ट सौंप दी जाएगी। एनएफएल टाउनशिप निवासी गुरलीन की शिकायत सफीदों से संबंधित होने के कारण डिप्टी सीएम ने इसे उपायुक्त पानीपत के माध्यम से उपायुक्त जींद को भेजने के निर्देश दिए। नन्हेड़ा निवासी पहल सिंह पुत्र शोभाचंद व अन्य द्वारा की गई शिकायत मंडलायुक्त करनाल के न्यायालय में लंबित होने के कारण इसको निरस्त कर दिया गया।
इसके अलावा रविंद्र गोयल की शिकायत पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले को जल्द निपटाने के लिए जिला सेंशन जज से पत्र व्यवहार कर अनुरोध किया जाएगा। ताकि दिन प्रतिदिन इनकी सुनवाई करके इस मामले का जल्द से जल्द निपटान किया जाए क्योंकि यह मामला पहले ही दो साल से जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में चला हुआ है।
आमजन के लिए खोले जाएं राजस्व के रास्ते
गांव अजीजजुल्लापुर निवासी महाबीर ने शिकायत देते हुए कहा कि अंसल ने उनके गांव की पंचायती जमीन को घेर लिया है। यहां तक की खेतों की पानी खालों पर भी कब्जा कर लिया है। हाईकोर्ट द्वारा भी इस मामले में संज्ञान लिया जा चुका है। उनकी पिछली शिकायत में उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अंसल कॉलोनी द्वारा उपयोग में लिए जा रहे राजस्व रास्तों को किसी भी सूरत में बंद न करें और आमजन के लिए उन्हें खोल दें। दुष्यंत चौटाला ने शिकायतों का निवारण करते हुए कई शिकायतों में निर्देश दिए कि कोई भी कॉलोनाइजर राजस्व रास्तों पर कब्जा नहीं कर सकता। अगर उसे राजस्व रास्ते लेने हैं तो उसे सरकार के पास प्रस्ताव भेजना पड़ेगा और यह मामला कैबिनेट बैठक के माध्यम से सुलझाया जाएगा।
पानीपत। लघु सचिवालय पानीपत में आयोजित जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में बोलते हुएउपमुख्यमंत्र?- फोटो : Panipat