शहर की सरकार द्वारा नगर निगम के अंतर्गत आने वाले सभी 26 वार्डों से कई बार डेयरियों को बाहर शिफ्ट करवाने, बूचड़खाने, मीट मार्केट के लिए अलग जमीन उपलब्ध करवाने व धोबी घाट बनाने के लिए दावे ठोके जा चुके हैं, लेकिन आज तक ये काम सिरे नही चढ़ पाया है। इसका कारण ये है कि निगम के पास पतर्याप्त भूमि ही नहीं है जहां इनको शिफ्ट करवाया जा सके। इसके लिए करीबन 15 से 20 एकड़ जमीन की आवश्यकता है, जो निगम के पास नहीं है।
अब इन योजनाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए नगर निगम आस-पास के गांवों की पंचायती जमीन को पट्टे यानी लीज पर लेने की तैयारी कर रहा है। हालांकि ये मुद्दा मुख्यमंत्री रिपोर्ट में रखा जाना था, इसके लिए निगम के कानूनगों से रिपोर्ट तक तैयार करवाई गई। रिपोर्ट में संबंधित आस-पास के गांवों की जमीन को चैक करने के लिए फिजबिलिटी रिपोर्ट तैयार नहीं हो पाई, कारण बताया गया कि संबंधित गांव के पटवारियों को कोरोना हुआ है।
गांव गांजबड़, खोतपुुरा, चंदौली, सिवाह, पसीना कलां, पसीना खुर्द में नहीं मिली जमीन
डीसी की अध्यक्षता में 25 अगस्त को हुई बैठक में इन कामों के लिए भूमि उपलब्ध करवाने का प्रस्ताव भी रखा गया था। जिसके लिए निगम के आस-पास के गांव जिनमें गांजबड़, खोतपुुरा, चंदौली, सिवाह, पसीना कलां, पसीना खुर्द की जमीन को पट्टे पर लेने की सलाह बनाई गई। इसके लिए अधिकारियों की तीन कमेटियां एक सितंबर को बनाई गई। इन कमेटियों को दो दिन में इन गांव में जाकर पंचायती जमीन का अवलोकन कर फिजबिलिटी रिपोर्ट बनाने के लिए आदेश दिए गए थे। कमेटियों ने रिपोर्ट में बताया कि इन गांव के साथ आस पास के अन्य गांव में भी या तो रकबा उपलब्ध नहीं है या फिर यहां की जमीन काफी मंहगी है।
अब नौ गांवों की पंचायती भूमि पर तैयार होना है प्रस्ताव
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि निगम की करीब सात किलोमीटर तक की परिधि में आने वाले गांव जिसमें डाहर, जाटल, बिंझौल, रिशालू, सिवाह, डाहर, महराना, खोतपुरा, चंदौली हैं, जिनमें पंचायती जमीन उपलब्ध हैं जिसे लीज पर लिया जा सकता है। इन गांव की पंचायती जमीन की रिपोर्ट के लिए उक्त गांव के पटवारियों से संपर्क किया गया, जिनमें से अधिकतर पटवारी कोरोना ग्रस्त पाए गए और इसके लिए मेडिकल छुट्टी पर रहे, जिस कारण ये काम आज तक अधर में लटका हुआ है।
वर्जन:
आयुक्त सुशील कुमार का कहना है कि निगम अधिकारियों की टीम इस काम पर लगे हुए हैं। जल्द ही जमीन का अवलोकन कर इसे फाइनल भी किया जाएगा। जिसके बाद शहर से मीट मार्केट व बूचड़खानों के लिए जगह उपलब्ध करवाई जाएगी। वहीं डेयरियों को भी शिफ्ट किया जाएगा।