संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। औषधि नियंत्रण विभाग ने कफ सिरप की जांच तेज कर दी है। जिले के दोनों औषधि नियंत्रण अधिकारियों ने पानीपत में आठ और समालखा में एक मेडिकल स्टोर की जांच की। समालखा में रेलवे रोड स्थित मेसर्स हेल्ड डिपो से चार और पानीपत में गोहाना रोड स्थित वृंदा फार्मा से चार नमूने भरे हैं। विभाग अब तक कफ सिरप के 20 नमूने ले चुका है जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने में 10 दिन का समय लगेगा।
जिले में दो औषधि नियंत्रण अधिकारी हैं। औषधि नियंत्रण अधिकारी डाॅ. पवन कुमार ने समालखा रेलवे रोड के मेसर्स हेल्थ डिपो की जांच की। यहां से चार नमूने लेकर जांच को भेजे। वहीं औषधि नियंत्रण अधिकारी डॉ. विजय राजे ने गोहाना रोड के नजदीक स्थित वृंदा फार्मा से चार नमूने लेकर जांच के लिए भेजे। इसके साथ उझा, सनौली रोड और उग्राखेड़ी गांव में आठ मेडिकल स्टोर की जांच की। जिन्हें जांच के लिए चंडीगढ़ सरकारी विश्लेषक लैब भेजा गया है।
साथ ही केमिस्ट को एंटीबायोटिक दवाओं की बिक्री के बारे में भी जानकारी दी गई और उनके रिकॉर्ड की जांच भी की। केमिस्ट को शेड्यूल-एच वन रजिस्टर मेंटेन करने के निर्देश दिए और कहा कि वे मरीजों को एंटीबायोटिक दवाओं के इस्तेमाल के बारे में जागरूक करें और सभी दवा चिकित्सक की पर्चे पर ही बेचें।
अधिकारी विजय राजे ने बताया कि उन्होंने उझा, सनौली रोड और उग्राखेड़ी गांव में आठ मेडिकल केंद्रों की जांच की और गोहाना रोड के नजदीक स्थित वृंदा फार्मा से चार नमूने लिए। इससे पहले भी वे जिला नागरिक अस्पताल से पांच और दो कंपनियों से तीन नमूने ले चुकी हैं।
जिले में लगभग 1500 मेडिकल स्टोर हैं। टीम जांच कर कफ सिरप के नमूने ले रही हैं। यदि कोई भी नमूना जांच में फेल आता है तो उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. विजय मलिक, सीएमओ पानीपत