निहंग सिखों का कहना है कि मंदिरों में गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी हो रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि गुरु ग्रंथ साहिब की सेवा और रखरखाव नियमानुसार नहीं किया जा रहा। डिटेल में पढ़ें खबर...
हरिबाग कॉलोनी और सेठी चौक स्थित दो मंदिरों से निहंग सिखों द्वारा गुरु ग्रंथ साहिब को हटाए जाने के बाद तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। मंदिर प्रबंधन और स्थानीय लोगों के विरोध के बावजूद निहंगों ने तलवार लहराकर स्थिति को और तनावपूर्ण बना दिया। पुराने औद्योगिक थाने में दोनों पक्षों के बीच कई घंटे चली पंचायत में कोई समाधान नहीं निकला। पुलिस ने दोनों पक्षों से सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और आपसी सहमति से हल निकालने को कहा है।
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मंदिरों से गुरु ग्रंथ साहिब हटाने का मामला
हरिबाग कॉलोनी के श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में दोपहर करीब डेढ़ बजे कुछ निहंग सिख मंदिर में पहुंचे। पुजारी के पूछने पर उन्होंने हॉल की बुकिंग की बात कही, लेकिन इसके बाद मंदिर में रखे तीन गुरु ग्रंथ साहिब (दरबार साहिब) को उठा लिया। स्थानीय लोगों ने विरोध किया, जिसके जवाब में निहंगों ने तलवार निकाल ली और गुरु ग्रंथ साहिब को अपनी गाड़ियों में ले गए। इसके बाद सेठी चौक के मंदिर से भी गुरु ग्रंथ साहिब को हटा लिया गया। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद डीएसपी मुख्यालय सतीश वत्स मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को थाने में बुलाया।
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50 साल से मंदिरों में स्थापित हैं गुरु ग्रंथ साहिब
श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर के प्रधान ओमप्रकाश डुडेजा, खजांची सागर वधवा और वरिष्ठ सदस्य महेंद्र हुड़िया ने बताया कि मंदिर में पिछले 50 वर्षों से गुरु ग्रंथ साहिब स्थापित हैं। मंदिर में हिंदू मूर्तियों के साथ-साथ गुरु ग्रंथ साहिब का भी सम्मान किया जाता है। सिख समुदाय के लोग भी यहां पाठ करने आते हैं। उन्होंने कहा कि यदि अकाल तख्त या सिख समुदाय को कोई आपत्ति है, तो वे पहले सूचित कर सकते थे। मंदिर प्रबंधन ने गुरु ग्रंथ साहिब के लिए अलग व्यवस्था करने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा है, जिसे सिख समुदाय ने स्वीकार कर लिया।
निहंगों का आरोप- हो रही थी बेअदबी
निहंग सिखों का कहना है कि मंदिरों में गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी हो रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि गुरु ग्रंथ साहिब की सेवा और रखरखाव नियमानुसार नहीं किया जा रहा। उनके अनुसार, गुरु ग्रंथ साहिब के लिए अलग प्रवेश, निशान साहिब और बिना अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियों या तस्वीरों के विशेष स्थान की व्यवस्था होनी चाहिए। निहंगों ने मंदिर प्रबंधन से इन नियमों का पालन करने और उचित व्यवस्था करने को कहा है।
डीएसपी मुख्यालय सतीश वत्स ने बताया कि दोनों मंदिरों से गुरु ग्रंथ साहिब हटाने और निहंगों द्वारा तलवार लहराने की सूचना मिली थी। दोनों पक्षों को थाने में बुलाकर उनकी बात सुनी गई। यह सामाजिक सौहार्द का मामला है, इसलिए दोनों पक्षों से आपसी सहमति से समाधान निकालने को कहा गया है। यदि कोई लिखित शिकायत मिलती है, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।