प्राइवेट एंबुलेंस ऑपरेटरों ने अपनी मांगों को लेकर अर्धनग्न प्रदर्शन करते हुए हाथ में कटोरे लेकर भीख मांगी। वहीं प्राइवेट एंबुलेंस न मिलने पर मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। परिवार के लोगों को मरीजों को दूसरे अस्पतालों में ले जाने को लेकर निजी व अपने वाहनों का सहारा लेना पड़ा। वहीं प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग मरीजों की परेशानी को जानकर भी अनजान बना रहा।
प्राइवेट एंबुलेंस ऑपरेटर मंगलवार को दूसरे दिन हड़ताल पर रहे। प्राइवेट एंबुलेंस ऑपरेटरों ने ईएसआई गेट से अर्धनग्न होकर हाथ में कटोरे हाथ में लेकर प्रदर्शन किया। ऑपरेटर जीटी रोड व बस स्टैंड से होकर लालबत्ती यू-टर्न से होकर लघु सचिवालय व स्काईलार्क से होकर वापस ईएसआई गेट पर पहुंचे।
ऑपरेटरों ने सरकार विरोधी नारेबाजी की। न्यू कृष्णा राम राज्य संस्था के प्रधान अमरजीत मान ने बताया कि पानीपत में उनकी 40 से अधिक एंबुलेंस हड़ताल पर हैं। सरकार के नए फैसले के अनुसार एक एंबुलेंस को लेकर चलाने में करीब 70 हजार रुपये का अतिरिक्त दबाव पड़ेगा। टैक्स बढ़ने से उनको अपनी रोजी रोटी के लाले पड़ जाएंगे। सिर्फ हरियाणा ही एक ऐसा राज्य है जहां एंबुलेंसों पर टैक्स लगाया गया है।
एंबुलेंस हड़ताल पर होने से मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसकी जिम्मेदारी सरकार की है। जब तक सरकार के द्वारा टैक्स में कमी नहीं होगी राज्य में निजी एंबुलेंस एसोसिएशन हड़ताल पर रहेगी। इस मौके पर कैलाश ग्रोवर, चमन लाल, कृष्ण लाल, अमरजीत मान,कपिल मल्हौत्रा, संदीप, सोनू, होशियार सिंह, रघबीर, सुनील कुमार, आजाद सिंह, प्रकाश,रामनिवास, नफे सिंह मौजूद रहे।
मरीजों को दिनभर उठानी पड़ी परेशानी
सिविल अस्पताल में अधिकारियों के सामने दिनभर मरीज व उनके परिजन परेशान रहे, लेकिन अधिकारियों ने उनको सहारा दने के लिए एक भी कदम नहीं उठाया। सिविल अस्पताल में ऑटो व ई-रिक्शा चालक पहुंच गए। लोगों को प्राइवेट व दूसरे अस्पतालों में जाने के लिए इनका सहारा लेना पड़ा। वहीं कुछ लोग अपने मरीजों को उठाकर बस अड्डे तक पहुंचे और यहां से बसों में बैठाकर पीजीआई पहुंचे।