लंबे समय से सरकार के सामने अपनी मांगों को रख रहे वक्फ बोर्ड किराएदार उग्र हो गए और लघु सचिवालय के बाहर एक दिन की सांकेतिक भूख हड़ताल रखी।
करीब 70 महिला व पुरुष सुबह दस बजे से सायं पांच बजे तक भूख हड़ताल पर बैठे। किराएदारों ने सरकार की अनदेखी पर रोष प्रकट किया और वक्फ बोर्ड के नए कानून का काला बताते हुए कानून को रद्द कर वक्फ बोर्ड को खत्म करने की मांग की।
सोमवार सुबह वक्फ बोर्ड के सैंकड़ों किराएदार वक्फ बोर्ड के नए बिल में संसोधन करने की मांग के चलते सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते लघु सचिवालय पहुंचे।
जहां उन्होंने सुबह से शाम तक सांकेतिक भूख हड़ताल रखकर रोष प्रकट किया। प्रधान जोगीराम गोयल, सरपरस्त मोहनलाल सलूजा, राज बठला, लक्ष्मी नारायण मिगलानी व गुलशन काबरा ने इसकी अगुवाई की। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड के नए बिल में संसोधन की मांग को लेकर विधायक से लेकर मंत्रियों तक ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई है।
जिससे वक्फ किराएदारों में सरकार के प्रति रोष पनप रहा है। उन्होंने बताया कि जब तक सरकार मांगों को लेकर कारगर कदम नहीं उठाती विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
आधा शहर वक्फ बोर्ड की जमीन पर बसा
शहर में तकरीबन आधा शहर वक्फ बोर्ड की जमीन पर बसा हुआ है। जोकि पिछले कई सालों से बसे हुए है। एसोसिएशन सदस्यों ने बताया कि अगर वक्फ बोर्ड के नए कानून मे संशोधन नहीं किया गया तो हजारों लोग बेघर हो जाएंगे। करीब 50 सालों से मकानों में रहे लोग कैसे मकान को छोड़ सकते है।
ऊंची बोली देने वाले को ही मिलेगा मालिकाना हक
प्रशान जोगीराम गोयल ने बताया कि वक्फ बोर्ड के नए बिल के अनुसार जो किराएदार ऊंची बोली देगा उसी की मालिकाना हक दिया जाएगा। अगर बोली कम रहती है तो उसे मालिकाना हक से हाथ धोना पड़ेगा।
काले झंडे लेकर हजारों की तादाद में पहुंचे सचिवालय
वक्फ बोर्ड के नए बिल के विरोध में इससे पहले शहरभर के हजारों की संख्या में किराएदार मांगों को लेकर हाथ में काले झंडे लिए लघु सचिवालय पहुंचे। जहां उन्होंने जोरदार नारेबाजी कर सरकार के प्रति रोष व्यक्त किया था। बावजूद इसके आज तक कोई सुनवाई नहीं हो पाई। जिस कारण किराएदारों में रोष भर हुआ है।
वक्फ बोर्ड किया जाएं खत्म
सरपरस्त मोहनलाल सलूजा ने बताया कि वक्फ उर्दू का शब्द है और इस अर्थ दान खाता है। पाकिस्तान व भारत का बंटवारा 1848 में हुआ और देश में वक्फ बोर्ड का गठन 1955 में किया गया। मुसलमानों को पाकिस्तान में पूरा अधिकार मिल गया और वहां पर हिंदू वक्फ बोर्ड खत्म कर दिया गया। यहां के मुसलमानों को हर सुविधा व हक मिला हुआ है तो ऐसे में देश से भी वक्फ बोर्ड खत्म कर दिया जाना चाहिए।
पुराने कलेक्टर रेट से हो मालिकाना हक
किराएदार प्रवीण, सोनू छौक्कर, तरुण गोयल व अजीत सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने खून पसीने की कमाई से मकान व दुकान बनाए हैं। ऐसे में वक्फ बोर्ड बोली लगाता है तो उनको तो सब कुछ छिन जाएगा। वे किसी भी सूरत में इसको सहन नहीं करेंगे। सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती है तो वे इसको लेकर मरने व मारने को तैयार हैं।