पुलिस की दादागिरी से ऑटो चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस कर्मी ऑटो चालकों को वर्दी की धौंस दिखाकर कभी कोर्ट में तो कभी सिविल अस्पताल में चलने का बोलते है। ऑटो चालक अगर पुलिस को अपनी मजबूरी बताते है तो खाकी वर्दी वाले ऑटो को थाने में खड़ा करने की धमकी देते है।
शनिवार को सिविल अस्पताल में पुलिसकर्मियों की दादागिरी का मामला सबके सामने आया। सिविल अस्पताल में शनिवार दोपहर को तीन पुलिसकर्मी दो आरोपियों का मेडिकल कराने के लिए ऑटो को लेकर सिविल अस्पताल पहुंचे। ऑटो चालक सुशील कुमार निवासी मच्छरौली ने बताया कि वह गांव सिवाह से पानीपत के बीच ऑटो चलाता है। वह गांव सिवाह से सवारियों को लेकर आया था।
स्काईलार्क के सामने पुलिस कर्मियों ने उनकी ऑटो को रुकवा लिया। उसने पुलिस को जल्दी में होने का हवाला दिया, लेकिन पुलिस कर्मियों ने उसकी नहीं सुनी और सिविल अस्पताल में चलने को कहा। तीनों पुलिस कर्मी दो आरोपियों को लेकर जबरन उनकी ऑटो में बैठ गए।
पुलिसकर्मियों ने आरोपियों का मेडिकल करवाकर कोर्ट के सामने चलने का कहा। कोर्ट के आगे उतरने के बाद पुलिस कर्मियों ने पैसे नहीं दिए। उसने किराया मांगा तो ऑटो को थाने में खड़ा करने की बात कही। जिसके बाद वह चुपचाप वहां से निकल गया।
गांव सिवाह के राजबीर ने बताया कि पुलिस कर्मी उनको ऑटो लेकर कही भी चलने को बोल देते है। वह कई-कई घंटे पुलिस कर्मियों के दबाव में फ्री में ऑटो चलाते रहते हैं। पुलिसकर्मी ऑटो से उतरकर चल देते हैं किराया मांगने पर किराया नहीं देते।