जगाधरी। शिक्षा विभाग की अनुमति व मान्यता के बिना निजी स्कूलों में दाखिले किए जा रहे हैं। शिक्षा निदेशालय के आदेशों के बावजूद इन स्कूलों ने सत्र 2026-27 के दाखिले हो रहे हैं। इन स्कूलों में बेधड़क कक्षाएं लग रही हैं परंतु विभाग की ओर से इन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है जबकि यह कार्रवाई जनवरी व फरवरी के माह में ही शुरू हो जानी चाहिए थी। जिले में करीब 50 से ज्यादा ऐसे स्कूल हैं, जो बिना अनुमति व मान्यता के चल रहे हैं।
यही नहीं शिक्षा निदेशालय के आदेश हैं कि अमान्य स्कूलों के नाम सार्वजनिक किए जाएं, जिससे नए सत्र में ऐसे संस्थानों में लोग बच्चों का दाखिला न करवाएं। जिला विभाग की लचर प्रक्रिया व कार्यप्रणाली का स्कूलों ने बखूबी लाभ उठाया और नए सत्र के लिए विद्यार्थियों के दाखिले कर लिए गए। स्कूल अभिभावकों को झूठ बोलकर दाखिले कर रहे हैं। बता दें कि स्कूलों की बोर्ड ने पिछले वर्ष सूची जारी की थी और उनके दाखिलों के साथ स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट भी अमान्य घोषित कर दिए थे। बावजूद इसके निजी स्कूल दाखिले करते और फिर वर्ष के अंत में उन्हें अस्थायी मान्यता मिल गई। यह मान्यता केवल सत्र 2025-26 के लिए मिली थी परंतु स्कूलों ने इसका दुरुपयोग करते हुए सत्र 2026-27 के लिए भी दाखिले कर लिए हैं।
पिछले वर्ष बोर्ड ने जिले के 40 स्कूलों की सूची जारी की थी, जिनकी एसएलसी भी अमान्य कर दी गई थी। वहीं, जिला शिक्षा विभाग ने ऐसे 47 स्कूलों की सूची बनाई थी, जिनके पास मान्यता नहीं थी परंतु किसी स्कूल पर कार्रवाई नहीं की गई और सभी ने बेधड़क होकर दाखिले किए। इसके बाद जब कार्रवाई के आदेश आए तो सभी ने निदेशालय से विद्यार्थियों के भविष्य का हवाला देकर मान्यता मांगी। निदेशालय ने केवल 2025-26 के लिए मान्यता दे दी लेकिन इस सत्र में भी स्कूलों ने पिछले वर्ष की तरह दाखिले कर लिए हैं।
विभाग ने नहीं की जांच
विभाग की ओर से अभी तक अमान्य स्कूलों की जांच नहीं की गई है। वहीं, न इसकी सूची तैयार कर सार्वजनिक की गई। निदेशालय ने अमान्य स्कूलों की सूची कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर चस्पा करने के आदेश दिए हैं। वहीं, ऐसे स्कूलों के गेट पर भी विभागीय नोटिस लगाने के आदेश हैं परंतु विभाग ने अभी तक कोई काम नहीं किया है।
जिले में चल रहे अमान्य स्कूलों की सूची बनाई जा रही है। पिछले वर्ष की सूची अनुसार सभी स्कूलों से उनके दस्तावेज मंगवाए जाएंगे। बिना मान्यता के चल रहे स्कूल बंद किए जाएंगे। यदि ऐसे स्कूल दाखिले कर रहे हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- प्रेमलता बक्शी, जिला शिक्षा अधिकारी।