रेलवे लाइन से लाल झंडी हटाते हुए रेलवे कर्मचारी।
पानीपत। नौल्था गांव स्थित डानी एग्री लॉजिस्टिक्स लिमिटेड के वेयरहाउस को जाने वाली रेल लाइन पर लाल झंडा लगाने वाले किसान जितेंद्र खुलकर सामने आ गए हैं। किसान ने रेलवे और अडानी के अधिकारियों पर मिलीभगत कर जमीन हड़पने के आरोप लगाए हैं। जितेंद्र ने दावा कि कंपनी के वेयरहाउस को जाने वाली रेल लाइन पर अधिकारियों मौजूदगी में ही नौ महीने पहले लाल झंडी लगा दी थी। मंगलवार को लाइन से मालगाड़ी जानी थी तो पानीपत आरपीएफ टीम रविवार को किसान से मिली और समझाया लेकिन उन्होंने झंडी नहीं हटाई। आरपीएफ टीम और रोहतक से आईडब्ल्यू की टीम फिर मंगलवार को दोबारा जितेंद्र से मिली और उसे दोबारा से जमीन की पैमाइश कराने का आश्वासन दिया और झंडे को हटाया गया।
किसान जितेंद्र ने बताया कि अडानी एग्री लॉजिस्टिक्स लिमिटेड का नौल्था गांव में वेयरहाउस है। वेयरहाउस रेल लाइन से जुड़ा हुआ है। इसी लाइन से गेहूं सहित अन्य अनाज की मालगाड़ियां आती-जाती हैं। गांव के कुछ किसानों की जमीन कंपनी ने वेयरहाउस तक जाने वाली रेलवे लाइन के लिए वर्ष 2021 में खरीदी थी। उन्होंने अपनी जमीन देने से मना कर दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी ने रेलवे के साथ मिलकर जमीन को कंपनी के नाम दिखा दिया और उनकी कुछ जमीन से रेल लाइन बिछा दी। उन्होंने कंपनी अधिकारियों के खिलाफ थाना इसराना में धोखाधड़ी की धारा में प्राथमिकी दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि इसराना थाना पुलिस में दर्ज प्राथमिकी में सही से जांच नहीं की। इस मामले की जांच अब थाना चांदनी बाग पुलिस से कराई जा रही है। कंपनी ने उनके पिता के झूठे हस्ताक्षर कर 42.5 लाख का मुआवजा भी दिखा रखा है। उसने तहसीलदार से रेलवे अधिकारियों की मौजूदगी में अपनी जमीन की पैमाइश करा रखी है, इसमें जमीन उनकी मिली थी। उन्होंने दिल्ली रेलवे अधिकारियों को भी इसकी शिकायत दी थी।
नौल्था गांव में किसान जितेंद्र ने वेयरहाउस को जाने वाली रेल लाइन पर लाल झंडा लगा रखा था। किसान अपनी जमीन होने का दावा कर रहा है, उनको समझाया गया और जमीन की जांच कराई जाएगी। उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना दी गई है।
- दिनेश कुमार मीना, प्रभारी आरपीएफ थाना, पानीपत।