पानीपत। हत्यारोपी ने हमला करने से पहले दोस्त से कहा था कि तूने मेरी पत्नी को लॉकडाउन में बाहर घूमने की बात क्यों बताई, तूने मेरे घर में क्लेश करा दिया। हमले के बाद वह साथियों के साथ फरार हो गया। यह बात मृतक उमेश के चचेरे भाई सुमित ने बताई। कहा कि वह हमले के बाद घायल भाई को लेकर वह अस्पताल पहुंचा लेकिन वहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया था।
सुमित ने बताया कि सुमित के मुताबिक, दीपक, उमेश, कन्हैया, आशू सब दोस्त हैं। रोज एक साथ बैठकर पार्टी करते थे। आरोपी दीपक एक कंबल फैक्टरी में काम करता है। उसके दो बेटे हैं। देरी होने पर दीपक की पत्नी रीना कॉल करती तो वह कॉल उठाकर कह देता था कि वह उमेश के साथ है। रविवार शाम भी दीपक की पत्नी की कॉल उमेश के पास आई। रीना ने कहा कि दीपक कहां हैं, उमेश ने पास न होने की बात कही। पत्नी ने तीन दिन पहले के बारे में पूछा तो उमेश ने कहा कि तीन पहले भी दीपक उसके साथ नहीं था, वह दोस्तों के साथ घूम रहा था, इतना सुनते ही कॉल काट दिया। दीपक जैसे ही घर पहुंचा तो पत्नी के साथ झगड़ा हो गया।
दोस्तों ने कहा कि कर रहे पार्टी, पुलिस बोली नहीं मिली शराब की बोतलें
दोस्तों ने बताया कि जिस मकान में रविवार को वह बैठे थे, वह आशू का है। उन्होंने वह मकान किराएदारों के लिए खाली छोड़ रखा है, लेकिन किराएदार न आने पर वह अब खाली है। जहां सभी दोस्त मिलकर रोज पार्टी करते थे। रविवार शाम को दीपक आया और पार्टी को खूनी वारदात में बदल दिया। उधर, शहर थाना प्रभारी ने बताया कि मौके से शराब की बोतल नहीं मिली है।
अंतिम संस्कार कराने से पहने परिवार ने दान कराईं आंखें
परिजनों ने बताया कि उमेश कहता था कि जब मेरी मृत्यु हो तो उसकी आंखें दान कर देना। इसलिए अंतिम संस्कार से पहले उसकी आंखें दान कर दीं। उमेश उर्फ सोनू ऑटो चालक था। लॉकडाउन की वजह से वह ठेकेदार के पास मेहनत मजदूरी करता था। वह तीन बहन भाई में सबसे छोटा था। सबसे बड़ी बहन गीतू, मंझला सुनील उर्फ काला है। बड़ी बहन शादीशुदा है, बाकी सुनील और उमेश दोनों अविवाहित हैं। मां प्रेमलता है, पिता विनोद की वर्ष 1996 में सड़क हादसे में मौत हो गई थी।
साहब गलती हो गई, गुस्से गुस्से में अपना घर उजाड़ लिया
आरोपी दीपक हत्या के बाद अपने घर जाकर छिप गया था। ठंडा दिमाग होने पर उसने गलती को स्वीकार कर ली। पुलिस हिरासत में आरोपी दीपक ने कहा कि साहब गलती हो गई, मेरा कोई ऐसा इरादा नहीं था। उमेश मेरा बहुत अच्छा दोस्त था। गुस्से में कब क्या हुआ मुझे पता नहीं चला। साहब गलती हो गई, गुस्से में मैंने अपना घर उजाड़ लिया है,भगवान भी मुझे माफ नहीं करेगा।
दो दिन के रिमांड पर लिया
शव का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है, तीन नामजद और एक अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। हत्या आरोपी दीपक को गिरफ्तार कर लिया है, सोमवार को न्यायालय में पेश कर दो दिन की रिमांड पर लिया है।
- सुनील कुमार, शहर थाना प्रभारी