पानीपत। चार जोन में 3.5 करोड़ के सफाई टेंडर होने के बावजूद शहर में गंदगी का अंबार है। ड्रेन नंबर एक के पास दोनों ओर कूड़े के ढेर लगे हैं। वार्ड सात और 11 के बीच ड्रेन की पटरी पर आठ फुट तक ऊंचे कूड़े के पहाड़ बनने लगे हैं। यहां कूड़ा इतना ज्यादा है कि ड्रेन की पटरी वाले रास्ते तक को कवर कर लिया है। गंदगी के ढेर से रास्ता तो बंद हुआ ही, भीषण बदबूू से लोगों को जीना दूभर हो गया है। इस पर शहर के अधिकारी से लेकर जनप्रतिनिधि तक मौन हैं।
ड्रेन के आसपास बसे लोगों ने बताया कि यहां सफाई एजेंसियों ने अपने अवैध रूप से डंपिंग स्टेशन बनाए हैं। यह कूड़ा फैलकर सड़क पर आ जाता है। इसके बाद हवा से लोगों के घरों के सामने आ जाता है। गंदगी के इन ढेरों से परेशान स्थानीय लोगों ने इस एरिया को सफाई वाला नया पानीपत का नाम दिया है। निगम अधिकारियों का कहना है कि यह कूड़ा सिंचाई विभाग ने ड्रेन नंबर एक से निकाला था। जिसे उठाया नहीं गया है। इसके बारे में सिंचाई विभाग के अधिकारियों को लिखा जाएगा। यही हालात रहे तो स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 में झटका भी लग सकता है।
कुछ यूं दिखे हालात
ड्रेन नंबर एक के साथ होते हुए स्काई लार्क मार्केट के पास निगम के शौचालय के सामने गंदगी का अंबार लग गया है। बाजार के दुकानदारों का कहना है कि यहां से कूड़ा उठाने के बजाय वापस डाल दिया जाता है। यहां से ड्रेन के साथ देवी मंदिर रोड पर तीन स्थानों पर अलग-अलग कूड़े के बड़े-बड़े ढेर लगे हैं। देवी मंदिर से आगे ड्रेन के दूसरी ओर कूड़ा पांच से छह फीट तक दीवारों और ड्रेन की जाली के बीच फंसा रहता है। इसके आगे सैनी कॉलोनी, वार्ड नंबर 11 और सात से लगते एरिया में भी गंदगी से बुरा हाल है। काबुली बाग मस्जिद के पास तो कूड़े के ढेर ने रास्ता तक रोक दिया है।
दिन रात करवा रहे सफाई : सीएसआई
शहर में सफाई को लेकर निगम की सफाई शाखा ने अभियान चलाया है। इसमें दोनों एजेसियों के कर्मचारियों, मशीनरी, जेबीएम समेत निगम के कच्चे-पक्के कर्मचारियों को शामिल किया गया है। सात दिन में शहर की सफाई करवा दी जाएगी।
जितेंद्र नरवाल, सीएसआई, नगर निगम।