पानीपत। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यायल के सेक्टर-25 स्थित केंद्र पर शनिवार को मदर्स-डे की पूर्व संध्या पर कार्यक्रम किया गया।
केंद्र संचालिका ब्रह्माकुमारी अंजना बहन ने कहा कि ईश्वर के सबसे करीब अगर कोई हैं तो वह मां है। उनका प्रेम दिव्य और असीम है। त्याग और समर्पण की प्रतिमूर्ति, ममता की मूर्त होती हैं। ब्रह्माकुमारी संस्था में मम्मा को मातृत्व का सर्वोच्च उदाहरण माना जाता है। वे असीम ज्ञान, प्रेम और अनुशासन की मिसाल हैं। उन्होंने कहा कि जिंदगी की पहली टीचर होती है मां, जिंदगी की पहली दोस्त होती है मां।
जिंदगी भी मां क्योंकि जिंदगी देने वाली भी होती है मां।। इससे पहले अंजना बहन ने सभी माताओं को ताज पहना कर उनका स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मां केवल शरीर का पालन नहीं करती, वह आत्मा को प्रेम और संस्कारों से सींचती हैं। उन्होंने कहा कि सच्चा मातृ दिवस तब है जब हम अपनी मां की तरह ही नि:स्वार्थ, करुणामय और स्नेही बनें। इस अवसर पर प्रोमिला नांदल, शकुंतला गर्ग, डॉ. राज सेतिया, मंजू, मोनिका अग्रवाल, शांति भूटानी, शालू जुनेजा, शैला गर्ग, सोनिया जुनेजा, किरण, अनीता, श्वेता, वर्षा, रेखा जैन, रूचि जैन, उषा गोयल व उर्मिला मौजूद रही।