सनौली। सनौली-झांबा गांव में बंदरों से डर का माहौल है। लोग खेत व अन्य काम पर जाने के बजाय अपने परिवार की सुरक्षा के लिए लाठियां लिए छतों पर व गलियों में घूम रहे हैं। गत 10 दिन के दौरान 22 महिलाएं व एक बच्चे को बंदरों ने शिकार बनाया है। कई महिलाओं को तो बंदरों ने इतनी बुरी तरह से काटा है कि उनका उपचार हिसार व दिल्ली के निजी अस्पतालों में चल रहा है। ग्रामीणों ने इस संबंध में जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाते हुए बंदरों को पकड़कर कहीं दूर छुड़वाने की मांग की है।
ग्रामीण प्रकास, देवी राम, सोनियां, देवी, सीमा, रोशनी, पिंकी, बबली, पूनम व सरपंच रश्मि त्यागी ने बताया कि काफी दिनों से बंदर ग्रामीणों को परेशान कर रहे हैं। पहले जहां बंदर छत पर सूख रहे कपड़े, फल-सब्जी ले जाते थे वहीं अब ग्रामीणों पर हमला कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कुछ समय से गांव में करीब दो दर्जन ऐसे बंदर आए हुए हैं जो लाठी दिखाने के बाद भी काटने को दौड़ते हैं। गांवों में 22 महिलाओं को बंदर शिकार बना चुके हैं। उन्होंने प्रशासन से बंदरों के आतंक से मुक्ति दिलाने की मांग की है। इसकी शिकायत जिला उपायुक्त और बीडीपीओ सनौली को दे चुके हैं। मगर कोई सुनवाई नहीं हो रही हैं।