-सीजन आते ही बढ़ जाती है मेहंदी लगवाने वालों की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। लगन और हुनर के दम पर अपनी अलग पहचान बनाने के लिए किसी बड़ी डिग्री की नहीं, बल्कि अपने काम के प्रति समर्पण और कुछ नया करने के जज्बे की जरूरत होती है। इसी कड़ी में देसराज कॉलोनी निवासी मीनू मेहंदी की कला के जरिए अपनी पहचान बना रही हैं। पिछले तीन साल से मेहंदी लगाने का काम कर रहीं मीनू के पास सीजन के दौरान काम की मांग बढ़ जाती है। अपनी कला के दम पर उन्होंने न केवल खुद को आगे बढ़ाया, बल्कि 200 से अधिक महिलाओं को भी मेहंदी लगाना सिखाकर उन्हें इस हुनर से जोड़ने का प्रयास किया है।
मीनू ने बताया कि मेहंदी लगाना केवल एक कला नहीं, बल्कि अपनी प्रतिभा को निखारने और दूसरों तक पहुंचाने का माध्यम भी है। इसी कला को अपनी पहचान बनाने का जरिया बनाया। धीरे-धीरे उनके काम को पहचान मिलने लगी और मेहंदी लगवाने की मांग बढ़ने लगी। शादी और त्योहार के सीजन में तो उनके पास समय ही नहीं होता। ऐसे समय में उनके काम की मांग भी बढ़ जाती है।
आज के समय में महिलाएं अपनी रुचि और हुनर को रोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। मेहंदी की अलग-अलग डिजाइन तैयार करना और ग्राहकों की पसंद के अनुसार काम करना इस काम का महत्वपूर्ण हिस्सा है। वह अब तक 200 से अधिक महिलाओं को मेहंदी लगाना सिखा चुकी हैं। मेहंदी लगाने का काम सीखकर महिलाएं त्योहारों, शादी-विवाह और अन्य विशेष अवसरों पर काम कर सकती हैं। इससे उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ-साथ कमाई का अवसर भी मिल सकता है।
3