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मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने कोरोना काल में संभाली जिम्मेदारी

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जिले के लोगों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों ने नि:स्वार्थ भाव से अपने काम को जारी रखा। कोरोना महामारी के दौरान किया गया कार्य इन विद्यार्थियों के भविष्य में एक अच्छे चिकित्सक बनने की मजबूत नींव साबित होगा। उपायुक्त धर्मेंद्र सिंह ने कोरोना महामारी के दौरान सिविल अस्पताल एवं बाल जाटान में स्थित कोविड अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे मेडिकल के विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि इन विद्यार्थियों ने कोविड महामारी के दौरान एक फोर्स के रूप में सेवाएं दी हैं। इनके सहयोग के कारण व आमजन की जागरूकता से ही आज कोरोना का ग्राफ जिले में कम होता जा रहा है। इन विद्यार्थियों ने महामारी के दौर मेें स्वास्थ्य कर्मियों के साथ अहम योगदान दिया है।
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सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कादियान ने विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि कोविड महामारी के दौरान अपनी सेवाएं दे रहे फाइनल वर्ष के विद्यार्थी अपनी पढ़ाई के साथ-साथ एक अनुभव के दौर से भी गुजर रहे हैं। इस महामारी के दौरान सेवा करने के अनुभव का भी उनको भविष्य मेें एक अच्छे चिकित्सक के रूप में काम करने का अवसर प्रदान होगा।
आपदा में सेवा करना ही सच्चा सुकून : खर्ब
शहीद हसन खान मेवात मेडिकल कॉलेज नूंह के फाइनल वर्ष के छात्र अंकित खर्ब ने बताया कि एक मेडिकल छात्र होने के नाते यह हमारी जिम्मेदारी थी। समाज की सेवा करना हमारा फर्ज है। ऐसी आपदा में सेवा करना ही दिल का सच्चा सुकून है।
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माता पिता ने चिंता की पर हौसला भी बढ़ाया : नैन
छात्र अक्षय नैन ने बताया कि इस महामारी के दौरान हमारा अनुभव चिकित्सा क्षेत्र से संबंधित ज्ञान प्राप्त करने के अवसर के रूप में था। माता-पिता चिंता करने के साथ-साथ हमेशा सेवा भावना करने के लिए ही हौसला बढ़ाते रहे हैं।
मां हुई थी बीमार, लेकिन बढ़ाया हौसला : गहलावत
छात्र अमन गहलावत ने बताया कि संक्रमित मरीजों का इलाज करना या स्वास्थ्य कर्मियों का सहयोग करना ही मानव धर्म समझा। माता भी संक्रमित हो गई थी। फिर भी मां ने हौसला बढ़ाते हुए सावधानी रखकर कर्त्तव्य मानव भलाई के लिए निभाने को कहा।
एक कॉल पर हो जाते थे उपलब्ध : माथुर
छात्र अमित माथुर ने बताया कि संक्रमण के उच्च जोखिम के कारण कोविड अस्पताल में काम करना बड़ा ही जोखिम भरा था, लेकिन हमने एक कदम भी पीछे नहीं लिया। अनुभव पूरी प्रेरित करने वाला था। मरीज की कॉल पर हम दिन-रात सेवा करने के लिए उपलब्ध रहते थे।
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