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Panipat News: बलिदानी दयाराम झट्टीपुर के 78 साल बाद मिले भर्ती के कागज

Fri, 25 Jul 2025 03:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
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समालखा। आजाद हिंद फौज के स्वतंत्रता सेनानी दया राम झट्टीपुर गांव के परिवार को आजादी के 78 साल बाद स्वतंत्रता सेनानी का सम्मान मिलने की उम्मीद जागी है। 80 वर्षो तक गुमनामी के अंधेरे में गायब रहे स्वतंत्रता सेनानी दया राम के फौज संबंधी रिकार्ड को कड़ी मशक्कत से खोजकर उनके भतीजे शाम सिंह ने उपायुक्त को सौंपा है। समालखा हल्के के झट्टीपुर गांव निवासी शाम सिंह ने बताया कि उनके पिता साधु राम के बडे़ भाई दया राम 1940 में ब्रिटिश भारतीय सेना में भर्ती हुए थे जो बाद में 1942 में सुभाष चंद्र बोस की ओर से गठित आजाद हिंद फौज में शामिल हुए थे जो बाद में देश के लिए बलिदान हो गए।
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गांव के 102 वर्षीय बिशनदास का कहना है दया राम फौज में भर्ती हुए थे। जो आज तक गांव में नहीं आए। गांव में बाढ़ आने और घर में आग लगने से परिवार के पास स्वतंत्रता आंदोलन के बलिदानी दया राम का सेना से संबंधित कोई भी रिकॉर्ड नहीं था। शाम सिंह ने बताया कि उन्होंने ताऊ दया राम के फौज संबंधी रिकॉर्ड को प्राप्त करने के लिए जिला उपायुक्त, सैनिक बोर्ड करनाल में भी पूछताछ की लेकिन पता नहीं चला क्योंकि सेना से संबंधित कागज उनके पास नहीं था। उन्होंने हर कार्यालय में संपर्क कर दयाराम की जानकारी लेने का प्रयास किया।
कई साल की मेहनत के बाद उन्हें पता चला कि वह एक महान स्वतंत्रता सेनानी हुए हैं। जिसने 1942 में आईएनए आजाद हिंद फौज में शामिल होकर अपने देश व अपने गांव के लिए बलिदान दिया है। पिछले 80 साल में कई सरकार बदलीं लेकिन महान स्वतंत्रता सेनानी दया राम के परिवार को उनकी जानकारी सरकार की ओर से नहीं दी गई। अब परिजनों ने कई वर्षों के प्रयास के बाद ये शहीद दया राम का रिकॉर्ड खोज कर सरकार को सौंप दिया है।
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जिला उपायुक्त वीरेंद्र दहिया के आश्वासन के बाद अब परिवार को उम्मीद जागी है कि एक शहीद स्वतंत्रता सेनानी सम्मान जो परिवार को व संपूर्ण झट्टीपुर गांव को वर्षों पूर्व मिलना चाहिए था। अब आजादी के 78 वर्षों के बाद प्राप्त होगा। संवाद
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