संवाद न्यूज एजेंस
समालखा। समालखा नगर परिषद में वार्ड नंबर-9 की पार्षद मनीषा कुहाड को वीरवार को निर्विरोध उपाध्यक्ष चुन लिया गया। इस निर्वाचन से पिछले करीब दो महीनों से जारी राजनीतिक हलचल का पटाक्षेप हो गया। अतिरिक्त उपायुक्त एवं चुनाव अधिकारी अंकित चौकसे ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनके निर्विरोध निर्वाचन की औपचारिक घोषणा की।
निर्धारित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, वीरवार सुबह 11:25 बजे आवश्यक कोरम पूरा होने के बाद नगर परिषद की बैठक शुरू हुई। दोपहर 12:30 बजे तक तक नामांकन पत्रों की जांच पूरी की गई। इस दौरान केवल मनीषा कुहाड का ही एक वैध नामांकन प्राप्त हुआ। विपक्षी खेमे से कोई उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारा गया। ऐसे में मनीषा कुहाड को निर्विरोध विजयी घोषित किया गया।
यह पद एक जून को तत्कालीन उपाध्यक्ष शिक्षा देवी के त्यागपत्र देने के बाद से खाली था। चुनाव प्रक्रिया के दौरान नगर परिषद अध्यक्ष अशोक कुच्छल सहित 17 निर्वाचित पार्षदों में से 15 पार्षद उपस्थित रहे। वार्ड-14 की पार्षद और पूर्व उपाध्यक्ष शिक्षा शर्मा ने भी मनीषा कुहाड को समर्थन दिया। हालांकि वार्ड-10 के पार्षद मनीष बैनीवाल और वार्ड-11 की पार्षद नीतू छाबड़ा इस बैठक में अनुपस्थित रहे।
निर्वाचन प्रक्रिया और पृष्ठभूमि
चुनाव से दो दिन पहले मनीषा कुहाड के समर्थक पार्षद शहर से बाहर चले गए थे। मतदान शुरू होने से ठीक पहले सभी पार्षद अलग-अलग वाहनों से सीधे बीडीपीओ कार्यालय पहुंचे। इससे स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो गई। मनीषा कुहाड के निर्विरोध चुने जाने से राजनीतिक गुटबंदी का दौर समाप्त हुआ।
विकास का संकल्प और जश्न
जीत के बाद मनीषा कुहाड ने सभी सहयोगी पार्षदों और भाजपा जिलाध्यक्ष दुष्यंत भट्ट का आभार जताया। उन्होंने कहा कि शहर के सभी जनप्रतिनिधियों को साथ लेकर विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। भाजपा जिलाध्यक्ष दुष्यंत भट्ट ने भी उन्हें बधाई दी। निर्वाचन की घोषणा होते ही समर्थकों ने विजय जुलूस निकाला और आतिशबाजी की।
इस अवसर पर अध्यक्ष अशोक कुच्छल, संजय गोयल, पीयूष गोयल, राजेश ठाकुर, नरेश कौशिक, विनोद बाल्मिकी, अजय शर्मा, रेणू धीमान, अनिल रमन, कप्तान छौक्कर, जयपाल कुहाड़, अंकुश रमन और हरिओम शर्मा मौजूद रहे।