पानीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश योगेश चौधरी की अदालत ने चरस तस्करी के आरोपी नरेंद्र निवासी मुआना थाना सफीदों जींद को दोषी करार दिया है। दोषी के कब्जे से डेढ़ किग्रा चरस बरामद होने के कारण अदालत ने 20 साल की कैद और डेढ़ लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
मामले में कुल्लू हिमाचल के रहने वाले आरोपी को दोषमुक्त कर बरी किया गया है। वहीं, एक आरोपी के अदालत में हाजिर न होने के कारण भगोडा घोषित किया गया है। सीआईए-3 में तैनात एएसआई सतीश कुमार ने 21 नवंबर 2019 में मॉडल टाउन थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि वह सौदापुर बस अड्डे के पास गश्त कर रहे थे। उसी समय सूचना मिली कि एक अल्टो कार नोहरा गांव की ओर से आएगी, जिसमें मादक पदार्थ है। सूचना पर टीम ने नोहरा मोड के पास नाकाबंदी कर दी। कुछ देर बाद कार आई पुलिस ने रोककर एक व्यक्ति नरेंद्र को हिरासत में ले लिया। कार की तलाश के दौरान डेढ़ किग्रा चरस बरामद की गई।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह 2015 में यमुनानगर में प्लाईवुड फैक्टरी में काम करता था। जहां पर ट्रक चालक हाकम से उसकी मुलाकात हुई थी। हाकम ने उससे कहा था कि वह हिमाचल से चरस लाकर उसे दे देगा, जिसे बेचकर मुनाफा आधा-आधा कर लेंगे। पुलिस ने बयान के आधार पर हाकम चंद और एक अन्य आरोपी मेहरचंद को भी गिरफ्तार कर लिया। उप जिला न्यायवादी कुलदीप ढुल ने बताया कि मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश योगेश चौधरी की एनडीपीएस अदालत में हुई।