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बाल विवाह रोकथाम पर किया जागरूक

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पानीपत। बाल विवाह के रोकथाम के लिए आयोजित कार्यक्रम के दौरान मौजूद सुधा झा, रजनी गुप्ता व अन्य। - फोटो : Panipat
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पानीपत। नूरवाला स्थित आंबेडकर भवन में वीरवार को बाल विवाह रोकथाम अधिनियम पर परिचर्चा हुई। इंडीपेंडेंट थॉट के संस्थापक विक्रम श्रीवास्तव ने सर्वोच्च न्यायालय में 2013 में दायर की गई याचिका सिविल नंबर 382 इंडीपेंडेंट थॉट्स बनाम यूओआई एवं अन्य पर चर्चा की गई। बाल विवाह प्रतिषेध हरियाणा संशोधन विधेयक 2020 की नियमावली के नियम 128 की जानकारी दी गई।
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नियम-128 के अंतर्गत 15 से 18 की उम्र के पुरुष और युवती के बीच वैवाहिक संबंध शून्य होगा और शारीरिक संबंध पॉक्सो अधिनियम में बलात्कार के रूप में परिभाषित होगा। चाइल्ड मैरिज प्रोटेक्शन अधिकारी रजनी गुप्ता ने बाल विवाह रोकथाम संबंधित प्रशासनिक नियमों एवं सजा प्रावधान की जानकारी दी। सीडब्ल्यूसी सदस्य मीनू शर्मा ने बाल कल्याण समिति में बच्चियों के काउंसलिंग के संबंध में बताया।
चाइल्ड लाइन की कोऑर्डिनेटर पूजा मलिक ने कहा कि बाल विवाह संबंधित कोई भी सूचना 1098 पर दें और इसकी जानकारी देने वाले व्यक्ति की पहचान गुप्त रखी जाती है। ह्यूमन ट्रैफिकिंग टीम से एएसआई पवन ने बाल विवाह के झांसे में लेकर हो रही मानव तस्करी के बारे में बताया। डीएलएसए पैनल एडवोकेट सौरभ जग्गा ने बाल विवाह रोकथाम संबंधित कानूनी सुविधाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम का आयोजन बाल अधिकार सुरक्षा समिति से सुधा झा एवं हुमाना पीपल टू पीपल इंडिया से विनोद सोलंकी एवं रविंद्र कुमार के संयुक्त प्रयास से किया। इस मौके पर जेजेबी सदस्य मालती अरोड़ा, मात्री सुधा एनजीओ के फाउंडर सुरेंद्र सिंह, एडवोकेट कोमल आदि मौजूद रहे।
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