संवाद न्यूज एजेंसी
इसराना। मार्केट कमेटी की जमीन पर स्वच्छ भारत अभियान के तहत लोगों की मांग पर डीआरडीए की ग्रांट से पंचायत विभाग की ओर से करीब साढ़े पांच साल पहले बनाए गए सार्वजनिक शौचालय पर ताले लटके हैं।
नवनिर्मित सार्वजनिक शौचालय के ऊपर रखी गई पानी के लिए टंकी गायब है व अंदर वाश बेसिन व अन्य सामान बिना उपयोग के बर्बाद हो रहा है। सार्वजनिक शौचालय से गंदे पानी की निकासी स्थानीय प्रशासन के लिए सिरदर्द बनी है।
ग्रामीण प्रदीप जागलान, जय सिंह घनघस, सुखचैन कुंडू, अंग्रेज जागलान, जयभगवान जागलान, देवेन्द्र जागलान, सुनील कुमार, आजाद सिंह, जोगेंद्र जागलान, संदीप डोगर, सुदेश, नीलम व बिमला ने बताया कि इसराना को सब डिवीजन का दर्जा तो मिल गया है लेकिन इसराना बाजार में काम से आए लोगों को आज भी लघुशंका के लिए भटकना पड़ता है। करीब साढ़े पांच साल पहले बनाए गए सार्वजनिक शौचालय पर ताला लटका हुआ है। सार्वजनिक शौचालय तो बनाया गया लेकिन उसकी गंदे पानी की निकासी नहीं होने का बहाना बता ताला लगा दिया गया। इसराना आए विशेष कर बुजुर्गों व महिलाओं को बंद पड़े नवनिर्मित शौचालय की वजह से परेशानी उठानी पड़ती है।
लोगो को लघुशंका खुले में जाना पड़ रहा है। जबकि महिलाओं को आसपास के घरों में जाना पड़ रहा है। दो दशक से चली आ रही सार्वजनिक शौचालय के निर्माण मांग तो पूरी की गई लेकिन इस पर ताले लगने से लोगों को असुविधा हो रही है। प्रशासन को चाहिए कि नवनिर्मित शौचालय के ताले खुलवाए। ताले लगने से सार्वजनिक शौचालय सफेद हाथी बन कर रह गया है। इसराना खंड, तहसील व अब सब डिवीजन बन गया है। सभी विभागों के कार्यालय होने के बावजूद काम से आने वाले व बाजार में आने वाले लोगों को विशेषकर महिलाओं को परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोगों की मांग है कि सार्वजनिक शौचालय के ताले तुरंत खुलवाए जाए।