पानीपत। उरलाना कलां गांव में साढ़े चार साल पहले पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में सोमवार को फैसला आया। अदालत ने दोषी पति को उम्रकैद और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न भरने पर दो माह की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। अतिरिक्त जिला एवं न्यायधीश अजय के वर्मा ने सजा सुनाई।
कैथल जिले के बडसिकरी गांव निवासी सरबती पत्नी जसबीर सिंह ने बताया कि 27 जून 2015 को उन्होंने अपनी बेटी नीरज की शादी उरलाना कलां गांव में राकेश पुत्र शमशेर के साथ की थी। शादी के वक्त उन्होंने काफी दान दहेज दिया था। बावजूद इसके राकेश उसकी बेटी नीरज को दहेज के लिए प्रताड़ित करता था। आए दिन नीरज के साथ मारपीट करता था। कई बार इस संबंध में पंचायत भी हुई। तीन जून 2018 को उन्हें राकेश ने सूचना दी कि उसकी बेटी नीरज ने जहरीला पदार्थ निगल लिया है। वह उसे सफीदो अस्पताल लेकर जा रहे हैं। वे लोग सफीदो पहुंचे तो डॉक्टरों ने नीरज को मृत घोषित कर दिया। राकेश की प्रताड़ना से परेशान होकर नीरज से आत्महत्या की थी। साढ़े चार साल से अधिक चली मामले की सुनवाई के बाद सोमवार को अदालत ने पति राकेश को उम्रकैद व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।