पानीपत में बहन के अंतरजातीय विवाह करने से खफा सगे और ममेरे भाई ने जीजा की चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। इस मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनीषा बत्रा की अदालत ने सगे भाई विजय उर्फ छोटा और ममेरे भाई पवन को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों दोषियों पर एक-एक लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने पर दोनों को चार-चार साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। पीड़ित पक्ष की पैरवी सरकार की तरफ से जिला न्यायवादी राजेश कुमार चौधरी और सहायक जिला न्यायवादी अरविंद शर्मा ने की।
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रोहतक के मंदिर में की थी शादी
न्यू रमेश नगर निवासी गुलशन कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसके बेटे नीरज ने 23 नवंबर 2020 को भोला चौक निवासी कोमल पुत्री कश्मीरी लाल से रोहतक के भुसकाणी मंदिर में प्रेम विवाह किया था। जिस वजह से कोमल का भाई विजय उर्फ छोटा नाखुश था और नीरज से रंजिश रखने लगा। एक जनवरी 2021 की शाम साढ़े सात बजे नीरज लवली हैंडलूम से काम खत्म कर घर लौट रहा था। भावना चौक शिव मंदिर के पास विजय ने अपने ममेरे भाई पवन पुत्र रोहताश निवासी जावा कॉलोनी के साथ मिलकर उसकी चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी।
बहन ने भाइयों के लिए की थी कड़ी सजा की अपील
हत्या के बाद दोषी फरार हो गए थे। तीन दिन बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से दो चाकू और खून से सने कपड़े बरामद कर उन्हें जेल भेज दिया था। नीरज की पत्नी कोमल ने अदालत में गवाही देते हुए हत्यारे भाइयों को कठोर सजा सुनाने की अपील की थी। कोमल ने बताया कि जिस समय पति की हत्या हुई थी, तो वह ढाई माह की गर्भवती थी। वर्तमान में उसकी एक बेटी है और वह ससुराल में रह रही है। कोर्ट में वह गवाही के लिए जब भी आती थी, तो भाई उस पर समझौते का दबाव बनाते थे।
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सोच बदलने की जरूरत: राजेश चौधरी
जिला न्यायवादी राजेश चौधरी ने कहा कि समाज के लोगों को रूढ़िवादी सोच बदलने की जरूरत है। कोमल और नीरज दोनों बालिग थे और उन्होंने अपनी खुशी से विवाह किया था।