कुरुक्षेत्र। डॉलर की खनक से प्रभावित युवा जहां भविष्य संवारने किसी भी कीमत पर विदेश जाने की कोशिश में जुटे हैं वहीं कुछ ऐसे भी हैं जिन्होंने सात समंदर पार जाने की जगह घर को प्रमुखता दी। इन्हीं में एक हैं गांव मिर्जापुर के संजीव कुमार। जिन्होंने कनाडा जाने की अपनी हसरतों को तिलांजलि देते हुए पॉली हाउस में सब्जी पैदा करने का काम शुरू किया। अब वह महीने के चार से पांच लाख रुपये कमा रहे हैं। साथ ही करीब 20 लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार भी दे रहे हैं। आज संजीव कुमार की पहचान पूरे देश भर में बन चुकी है।
पॉली हाउस में सब्जियां पैदा कर बेहतर उदाहरण प्रस्तुत करने के लिए उन्हें कृषि विश्वविद्यालय हिसार में अक्तूबर 2023 को आयोजित कृषि मेले में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ सम्मानित कर चुके हैं। इससे पहले उन्हें प्रदेश के तत्कालीन कृषि मंत्री जेपी दलाल भी सम्मानित कर चुके हैं। संजीव कुमार से अब पॉली हाउस में तैयार सब्जियां लेने के लिए बड़े कारोबारी संपर्क साध रहे हैं। करनाल, पानीपत व आसपास के अन्य जिलों में भी उनकी सब्जियां पहुंच रही हैं।
अपने इस कदम से संतुष्ट संजीव युवाओं से अपील कर रहे हैं कि विदेश जाना ही किसी समस्या का समाधान नहीं है। अपनी सर जमीं पर भी हम कड़ी मेहनत कर बेहतर गुजर बसर कर सकते हैं।
कनाडा जाने का था सपना, अब नहीं जाऊंगा : संजीव
संजीव कुमार बताते हैं कि उनका शुरू से ही सपना था कि वह कनाडा जाएंगे। जहां खूब पैसा कमाकर अपने सपने पूरे करेंगे। दो बार प्रयास भी किया लेकिन बात नहीं बनी तो पॉली हाऊस खेती की ओर रुख कर लिया। वे बताते हैं कि परंपरागत खेती में ज्यादा फायदा नहीं रहा तो उन्होंने इसमें ही मेहनत करने की ठानी। आज चार एकड़ क्षेत्र में पॉली हाउस है, जिसके जरिए वे हर माह चार से पांच लाख रुपये कमा रहे हैं। छह महिलाओं को स्थाई रोजगार दिया हुआ है।
करीब 20 अन्य लोग उनके साथ अस्थाई तौर पर जुड़े हैं। अब आधा एकड़ में अत्याधुनिक पॉली हाउस तैयार कराया जा रहा है, जिसमें सब्जियाें की पौध भी तैयार की जाएगी। उनका कहना है कि एक एकड़ में पॉली हाउस लगाकर भी एक परिवार का बेहतर गुजारा चल सकता है। सरकार भी इस खेती को लेकर 50 फीसदी से भी ज्यादा सब्सिडी दे रही है। संवाद