- बरसत रोड की जमीन के अधिग्रहण मामले में अदालत में चल रही सुनवाई
- सुनवाई के दौरान फाइल अदालत के सामने नहीं की गई पेश
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। बरसत रोड पर जमीन अधिग्रहण का मामला फिर चर्चाओं में है। बरसत रोड के दूसरे प्रकरण में अदालत से पीडब्ल्यूडी को मुआवजे की फाइल तैयार करने के लिए अंतिम मौका दिया है। अदालत ने 16 अक्तूबर तक मुआवजे की फाइल तैयार कर कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए हैं। ऐसा न करने पर अधिकारियों का वेतन अटैच करने की चेतावनी दी गई है।
जिले के बरसत रोड की जमीन का मामला 36 साल से अदालत में है। एक मामले में पीडब्लूडी के अधिकारी किसान को उनकी 320 गज जमीन पर कब्जा दे चुके हैं। लेकिन अब दूसरे मामले में अदालत का रुख सख्त है। अधिवक्ता हर्ष सैनी ने बताया कि उनकी बरसत रोड में 3550 गज जमीन है। जिसे बिना अधिग्रहित किए रोड का निर्माण कर दिया गया था। वह कोर्ट से केस जीत चुके हैं लेकिन अभी तक पीडब्ल्यूडी ने उनकी जमीन पर न तो कब्जा दिया है और न ही मुआवजा तय किया है।
कब्जे का मुकदमा सिविल जज सीनियर डिविजन की अदालत में चल रहा है। पिछली तारीख पर पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने अदालत में जमीन का मुआवजा दिए जाने की बात कही थी। अदालत ने मुआवजे की फाइल को अदालत के सामने पेश करने के आदेश दिए थे।
सोमवार को इस मामले में एक बार फिर से सुनवाई हुई जिसमें विभाग की तरफ से कहा गया कि फाइल को तैयार कर स्वीकृति के लिए उच्चाधिकारियों के पास भेज दिया है। जिस पर अदालत ने सख्त नाराजगी जाहिर की। अधिवक्ता हर्ष सैनी ने बताया कि अदालत ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को फाइल तैयार करने का अंतिम मौका दिया है। अदालत ने 16 अक्तूबर तक फाइल पेश करने के आदेश दिए हैं। साथ ही चेतावनी जारी की है कि यदि 16 अक्तूबर तक फाइल पेश नहीं की गई तो अधिकारियों का वेतन अटैच कर दिया जाएगा।
यह है प्रकरण
वर्ष 1960 में बरसत रोड का निर्माण हुआ था। इसमें कुछ किसानों की जमीन का अधिग्रहण किए बिना रोड बना दी गई थी। इस मामले में करीब 36 साल पहले अलग-अलग मुकदमे अदालत में दाखिल किए गए थे। जिनमें से एक मुकदमे में पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों द्वारा एक माह पहले किसान को उनकी 320 गज जमीन पर कब्ज दिया गया था।