- समालखा अनाज मंडी में सरकार के आदेशों की अवहेलना
संवाद न्यूज एजेंसी
समालखा। प्रदेश सरकार के आदेश के बावजूद समालखा अनाज मंडी के आढ़ती कंप्यूटराइज कांटे के बजाय पुराने कांटों से धान की तौलाई करने में लगे हैं। जबकि आढ़तियों के पास कंप्यूटराइज कांटे रखे हैं। वे भी मैनुअल कांटे से ही तौल कर रहे हैं, जबकि पुराने कांटे के पास नया इलेक्ट्रॉनिक कांटा रखा रहता है। अधिकारियों के ध्यान नहीं देने से किसान अपने को असहाय महसूस कर रहे हैं।
अनाज मंडी में धान की आवक तेज हो गई है। सोमवार को 2250 क्विंटल पीआर धान की खरीद के साथ अभी तक 6860 क्विंटल धान की खरीद की गई है।जबकि मंडी में अभी तक 4.80 लाख क्विंटल 1509 धान तो 10, 800 क्विंटल पीआर की आवक हो चुकी है। 1509 की खरीद के साथ साथ उठान भी चल रहा है, लेकिन वाहनों के डाटा आनलाइन नहीं होने से उठान धीमी गति से हो रहा है। दो दिनों से धान के भरे वाहनों के गेटपास नहीं भी नही कटे हैं। रविवार को खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेश नागर के सामने भी यह मुद्दा उठा था। उन्होंने उठान में तेजी लाने और मिलर्स की संख्या बढ़ाने के निर्देश जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी को दिए थे, जिसे 24 घंटे हो चुके हैं।
किसान बोले- पुराने कांटे से तौल का पता नहीं
किसान अनिल, महावीर, प्रमोद व सुभाष ने बताया कि उन्हें पुराने कांटे पर तौल का पता नहीं चलता है। सीएम ने कंप्यूटराइज कांटों पर तौल की घोषणा की है, लेकिन मंडी में डिजिटल कांटों का घोर अभाव है। जिनके पास कांटे हैं वह भी कंप्यूटर आधारित कांटे से तौल नहीं कर रहे हैं। किसान पैदावार और धान के भाव कम होने से पहले से नुकसान झेल रहे हैं।
डिजिटल कांटे लगाने को लेकर आढ़तियों को कई बार स्मरण पत्र दे चुके हैं। आढ़ती डिजिटल कांटे का उपयोग नहीं कर रहे हैं। इसको सख्ती से शुरू कराया जाएगा।
- संदीप, मंडी सुपरवाइजर, मार्केट कमेटी