पानीपत। किसान, मजदूर और कर्मचारी संगठन मई दिवस पर पूंजीवादी व्यवस्था के खिलाफ संघर्ष तेज करेंगे। संगठनों ने इसके लिए शनिवार को गीता कॉलोनी स्थित शिव वर्मा स्मारक भवन में बैठक की। डॉ. सुरेंद्र मलिक इसकी अध्यक्षता की। बैठक में सर्वसम्मति निर्णय लिया कि अबकी बार एक मई को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस को शोषण से मुक्ति दिवस के रूप में मनाया जाएगा। मई दिवस के शहीदों को याद करते हुए पूंजीवादी व्यवस्था के खिलाफ संघर्ष तेज किया जाएगा। मजदूर की सभा कर विशाल जुलूस निकाला जाएगा।
उन्होंने कहा कि चार श्रम कानून को वापस करने की मांग प्रमुख रहेगी साथ ही न्यूनतम वेतन लागू करने और सरकारी उद्योगों और सेवा क्षेत्र के निजीकरण पर रोक लगाने की मांग रखी जाएगी। अग्निशमन विभाग के कर्मचारी आठ अप्रैल से हड़ताल पर हैं। ऐसे में इनके 22 सूत्रीय मांग पत्र पर तुरंत विचार करें। फरीदाबाद में आग की घटना के दौरान मारे गए दोनों कर्मचारियों के आश्रित परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा और सरकारी नौकरी दी जाए। इस मौके पर सीटू राज्य सचिव सुनील दत्त, जिला सह संयोजक एवं आशा वर्कर्स यूनियन की जिला प्रधान बंटी, सर्व कर्मचारी संघ के जिला सचिव शिवकुमार अहलावत, रिटायर्ड कर्मचारी संघ से जिला सचिव सतबीर सिंह चाहलिया, अखिल भारतीय किसान सभा के जिला प्रधान डॉ. सुरेंद्र मलिक, सचिव राजपाल गाहल्याण, उप प्रधान दिलावर सिंह राठी, पानीपत तहसील सचिव एसए खान, इंडस्ट्रियल वर्कर यूनियन पानीपत के प्रधान जयभगवान, सचिव रामकुमार यादव व कोषाध्यक्ष नवीन सपड़ा उपस्थित रहे।