पानीपत। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के अंतर्गत विभिन्न कॉलेजों की स्नातकोत्तर प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर की परीक्षाएं दो मार्च से शुरू होंगी। परीक्षाएं ब्लेंडेड मोड में कराएं जाएंगी। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने पीजी प्रथम सेमेस्टर के सीबीसीएस, नॉन सीबीसीएस और तृतीय सेमेस्टर के नॉन सीबीसीएस के लिए गाइडलाइन जारी कर दी है। इसके अनुसार परीक्षार्थियों को पेपर पूरा कर सॉफ्ट कॉपी को गूगल फॉर्म पर अपलोड करने के लिए चार घंटे का समय दिया गया है।
कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने परीक्षा स्टैंडिंग कमेटी की सिफारिशों के आधार पर इस बार भी ब्लेंडेड मोड में परीक्षा लेने की योजना बनाई है। विद्यार्थी ऑनलाइन या ऑफलाइन किसी भी माध्यम से परीक्षा दे सकता हैं। इसके लिए विभागाध्यक्षों, प्राचार्यों व निदेशकों को परीक्षार्थियों से 26 फरवरी तक विकल्प लेना होगा कि वे परीक्षा किस माध्यम से देना चाहते हैं। इस बार भी उत्तर पुस्तिका अपलोड करने के लिए गूगल फार्म का लिंक जारी किया जाएगा।
मुख्य परीक्षाओं से पहले होंगी प्रैक्टिकल परीक्षाएं
प्रैक्टिकल परीक्षाएं विभाग, संस्थान, विभागाध्यक्ष, निदेशक, प्राचार्य की ओर से अपने स्तर पर ही ऑनलाइन, ऑफलाइन मोड में ली जाएंगी। इसमें प्रोजेक्ट रिपोर्ट, वाइवा, ट्रेनिंग, डेजरटेशन आदि शामिल हैं।
पेपर हल करने के लिए मिलेंगे चार घंटे
इन सभी परीक्षाओं में विद्यार्थी को पेपर हल करने के लिए चार घंटे का समय दिया जाएगा। पेपर करने के लिए विद्यार्थियों को ए-फॉर साइज के अधिकतम 36 पेजों का प्रयोग करना होगा। विद्यार्थियों को वेब कैम और मोबाइल कैमरे के सामने ही परीक्षा देनी होगी।
स्नातकोत्तर प्रथम व तृतीय सेमेस्टर की परीक्षाएं दो मार्च से शुरू होंगी। ऑनलाइन माध्यम से परीक्षा देने के लिए 4 घंटे का समय दिया गया है जिसमें उत्तर-पुस्तिकाओं को अपलोड करने का समय भी शामिल है। परीक्षा दो सत्र में आयोजित होगी। परीक्षा के आयोजन को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी गई है।
- डॉ. जगदीश गुप्ता, प्राचार्य, आर्य महाविद्यालय, पानीपत।
क्या होता है ब्लेंडेड मोड
मिश्रित प्रणाली शिक्षा या ब्लेंडेड शिक्षा एक औपचारिक शिक्षा कार्यक्रम है, जिसमे विद्यार्थी पाठ्यक्रम का एक भाग कक्षा में पूरा करता हैं और दूसरा भाग डिजिटल एवं ऑनलाइन संसाधानों का प्रयोग करके सिद्ध करता हैं। ब्लेंडेड शिक्षा में समय, जगह, विधि तथा गति का नियंत्रण विद्यार्थी के हाथ में रहता है।