पानीपत। बुआना लाखू गांव की कीर्ति मलिक मुक्केबाजी में अपनी मेहनत से प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं। कीर्ति ने अब तक जिला स्तर पर करीब 20, राज्य स्तर पर 12 और राष्ट्रीय स्तर पर चार स्वर्ण पदक अपने नाम कर चुकी हैं। हरियाणा राज्य ओलिंपिक खेलों में दमखम दिखाने के लिए तैयार हैं। इतना ही नहीं दो से आठ नवंबर रोहतक में हरियाणा राज्य ओलिंपिक खेलों में कीर्ति ने ओपन कैटेगरी के 51 से 54 किलोग्राम भार वर्ग में हिस्सा लेकर पदक हासिल किया। कीर्ति मलिक के पिता संजय अध्यापक हैं और उनकी मां गृहिणी हैं।
पिता संजय ने बताया कि कीर्ति इस समय पंजाब यूनिवर्सिटी से बीए की पढ़ाई कर रही हैं। वर्ष 2024 में उन्होंने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में आयोजित इंटर यूनिवर्सिटी मुक्केबाजी चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक हासिल किया था। कीर्ति ने मुक्केबाजी की शुरुआत बुआना लाखू स्थित पीएस अकादमी से की। जहां उन्होंने अपने कोच सुरेंद्र कुमार से प्रशिक्षण लिया। कोच सुरेंद्र कुमार ने बताया कि कीर्ति में शुरू से ही खेल के प्रति समर्पण और अनुशासन देखने को मिला। वे रोजाना घंटों अभ्यास करती हैं और फिटनेस पर विशेष ध्यान रखती हैं। कीर्ति ने बताया कि उनके लिए यह सफर आसान नहीं रहा लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। मेरे माता-पिता और कोच ने हमेशा मुझे प्रोत्साहित किया है। उनका लक्ष्य मुक्केबाजी में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए पदक जीतकर नाम रोशन करना है।