महेंद्र चावला समेत तीनों आरोपियों को अदालत में पेश करने ले जाती पुलिस। संवाद
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पानीपत। आसाराम और नारायण साईं के मामले में मुख्य गवाह रहे सनौली निवासी महेंद्र चावला और उनके भाई देवेंद्र चावला व भतीजे राम को पुलिस ने शनिवार शाम गिरफ्तार किया। महेंद्र चावला व उनके परिजनों पर सनौली के पूर्व सरपंच सुरेंद्र शर्मा के साथ अदालतों में चल रहे मुकदमों में पक्ष में गवाही देने के लिए 70 लाख रुपये लेने व ब्लैकमेल कर 80 लाख रुपये मांगने के आरोप हैं।
मध्यस्थता करा रहे सेक्टर-12 निवासी भगत सिंह ने थाना चांदनीबाग में प्राथमिकी दर्ज कराई। रविवार शाम को पुलिस ने तीनों को अदालत के सामने पेश रिमांड की मांग की। करीब तीन घंटे तक चली बहस के बाद मजिस्ट्रेट ने आरोपियों को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया, साथ ही रिमांड पर सुनवाई के लिए सोमवार की तारीख दे दी। एसपी ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है।
डीएसपी सतीश कुमार वत्स ने बताया कि सेक्टर-12 निवासी भगत सिंह ने शिकायत देकर थाना चांदनीबाग में प्राथमिकी दर्ज कराई। भगत सिंह का कहना है कि दिसंबर 2025 में महेंद्र चावला की मां उनके दोस्त पूर्ण शर्मा के संपर्क में आई और कहा कि उनका सनौली गांव के पूर्व सरपंच सुरेंद्र शर्मा के साथ कई मुकदमे पानीपत, समालखा और करनाल में चल रहे हैं, जिसमें उनके काफी पैसे खर्च हो चुके हैं। यदि वह समझौता कराकर पैसे दिला दें तो वे उनके पक्ष में गवाही दे देंगे, इसके लिए उन्होंने एक स्टांप भी तैयार किया। गवाही देने के लिए 70 लाख रुपये की मांग की।
भगत सिंह ने बताया कि एक मार्च को महेंद्र चावला का भाई देवेंद्र चावला व उनका बेटा राम उनके घर से 70 लाख रुपये ले गए जिसमें से 10 लाख रुपये देवेंद्र ने खुद रख लिए और 60 लाख रुपये महेंद्र को दे दिए।
दो मार्च को महेंद्र चावला ने अदालत में अपनी गवाही दी जिसमें उसने गोलमोल गवाही देकर आरोपियों को पहचानने से इन्कार कर दिया, लेकिन गवाही पूरी नहीं की। इसके बाद पांच मार्च को वह अगली तारीख पर पेश नहीं हुआ और मेडिकल जमा करा दिया। भगत सिंह का आरोप है कि 16 मार्च को वह फिर से उनके घर पर पहुंचा और कहा कि सरपंच संजय त्यागी से एक प्रस्ताव पास कराकर सनौली गांव में उनकी दुकान को ध्वस्त होने से बचाया जाए। अगले ही दिन यह प्रस्ताव भी पास हो गया इसके बाद 18 मार्च को उसने एक बार फिर 80 लाख रुपये और देने की मांग शुरू कर दी, साथ ही धमकी दी कि यदि रुपये नहीं दिए तो वह अदालत में उनके खिलाफ गवाही देंगे, इसके बाद भगत सिंह ने महेंद्र चावला, उनके भाई देवेंद्र चावला व भतीजे राम व मां के खिलाफ थाना चांदनीबाग में शिकायत दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर 15 अप्रैल को प्राथमिकी दर्ज की। शनिवार शाम को पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।