111 शिक्षकों ने लिया दो दिवसीय प्रशिक्षण, 126 प्रधानाचार्यों को भी दिया मार्गदर्शन
कक्षा नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को कारोबार शुरू करने के गुर सिखाने और नए व्यावसायिक विचार विकसित करने पर रहेगा जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों में उद्यमशीलता की सोच विकसित करने और उन्हें अपना कारोबार शुरू करने के लिए तैयार करने के उद्देश्य से जिले में केबीसी 3.0 के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो गया है। जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) और जिला परियोजना समन्वयक कार्यालय की ओर से संयुक्त रूप से आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि वे कक्षा नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को व्यावसायिक कौशल, कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया और नए व्यावसायिक विचारों के बारे में मार्गदर्शन दे सकें।
पीएमश्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मॉडल टाउन में सोमवार को प्रशिक्षण के दूसरे बैच का शुभारंभ हुआ। पहले दिन इसमें 111 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। दो दिवसीय प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को केबीसी 3.0 के विभिन्न पहलुओं और विद्यालय स्तर पर इसके प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी दी जा रही है।
प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर के रूप में पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय उझा के अजय कुमार और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मांडी के मुकेश दहिया अपनी भूमिका निभा रहे हैं। डायट प्राचार्य नीलम कुंडू के दिशा-निर्देश में एकता पवार प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन और समन्वय कर रही हैं।
दूसरी ओर, जीटी रोड स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति विद्यालय में प्रधानाचार्यों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जिले के 126 प्रधानाचार्यों ने भाग लिया। उन्हें केबीसी 3.0 के उद्देश्यों, कार्यक्रम की रूपरेखा और इसे विद्यालयों में प्रभावी ढंग से लागू करने के संबंध में जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पंचकूला स्थित विद्यालय शिक्षा निदेशालय से केबीसी परियोजना समन्वयक मीनू दहिया भी जुड़ीं और प्रशिक्षण गतिविधियों का जायजा लिया। उद्यम लर्निंग फाउंडेशन की ओर से आदित्य ने भी प्रशिक्षण में सहभागिता करते हुए सहयोग दिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार और कारोबार के नए अवसरों को समझने की क्षमता विकसित करना है। इसके तहत विद्यार्थियों को व्यावसायिक सोच अपनाने, कारोबार शुरू करने के लिए जरूरी कौशल सीखने और नए व्यावसायिक विचार सामने लाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को दिया जा रहा प्रशिक्षण इस दिशा में महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।
- 111 शिक्षकों ने लिया दो दिवसीय प्रशिक्षण, 126 प्रधानाचार्यों को भी दिया मार्गदर्शन
- कक्षा नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को कारोबार शुरू करने के गुर सिखाने और नए व्यावसायिक विचार विकसित करने पर रहेगा जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों में उद्यमशीलता की सोच विकसित करने और उन्हें अपना कारोबार शुरू करने के लिए तैयार करने के उद्देश्य से जिले में केबीसी 3.0 के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो गया है। जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) और जिला परियोजना समन्वयक कार्यालय की ओर से संयुक्त रूप से आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि वे कक्षा नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को व्यावसायिक कौशल, कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया और नए व्यावसायिक विचारों के बारे में मार्गदर्शन दे सकें।
पीएमश्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मॉडल टाउन में सोमवार को प्रशिक्षण के दूसरे बैच का शुभारंभ हुआ। पहले दिन इसमें 111 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। दो दिवसीय प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को केबीसी 3.0 के विभिन्न पहलुओं और विद्यालय स्तर पर इसके प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी दी जा रही है।
प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर के रूप में पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय उझा के अजय कुमार और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मांडी के मुकेश दहिया अपनी भूमिका निभा रहे हैं। डायट प्राचार्य नीलम कुंडू के दिशा-निर्देश में एकता पवार प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन और समन्वय कर रही हैं।
दूसरी ओर, जीटी रोड स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति विद्यालय में प्रधानाचार्यों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जिले के 126 प्रधानाचार्यों ने भाग लिया। उन्हें केबीसी 3.0 के उद्देश्यों, कार्यक्रम की रूपरेखा और इसे विद्यालयों में प्रभावी ढंग से लागू करने के संबंध में जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पंचकूला स्थित विद्यालय शिक्षा निदेशालय से केबीसी परियोजना समन्वयक मीनू दहिया भी जुड़ीं और प्रशिक्षण गतिविधियों का जायजा लिया। उद्यम लर्निंग फाउंडेशन की ओर से आदित्य ने भी प्रशिक्षण में सहभागिता करते हुए सहयोग दिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार और कारोबार के नए अवसरों को समझने की क्षमता विकसित करना है। इसके तहत विद्यार्थियों को व्यावसायिक सोच अपनाने, कारोबार शुरू करने के लिए जरूरी कौशल सीखने और नए व्यावसायिक विचार सामने लाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को दिया जा रहा प्रशिक्षण इस दिशा में महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।
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