संवाद न्यूज एजेंसीपानीपत। भलौर गांव की ज्योति स्वयं सहायता समूह से जुड़कर न केवल खुद आत्मनिर्भर बनी बल्कि अपने ने साथ-साथ अन्य महिलाओं को भी जागरूक कर रही हैं। समूह से जुड़कर उन्होंने खुद सिलाई सीखी और अब अन्य महिलाओं को सिलाई सिखाकर अच्छी आय अर्जित कर रही हैं।
ज्योति ने बताया कि उन्होंने करीब चार साल पहले वह स्वयं सहायता समूह से जुड़ी। उसके बाद उन्होंने सिलाई का काम सिखा। सिलाई का काम सिखकर फिर वह लड़कियों-महिलाओं को सिलाई सिखाने लगी। पिछले तीन साल से वह सिलाई सिखाने का काम कर रही हैं। इससे उसकी अच्छी कमाई हो जाती है।
उन्होंने बताया कि पहले सिर्फ घर के कामकाज तक ही सीमित थी। अब घर के कामकाज के साथ आय का भी साधन बन गया गया है। बहुत सी महिलाएं उनसे सिलाई सीखकर अच्छी कमाई कर रही हैं। समूह की कुछ महिलाओं को भी उन्होंने सिलाई सिखाई है। समूह द्वारा महिलाओं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए बैठकों में जागरूक किया जाता है।
समूह में महिलाएं ऐसी भी है जो कुछ न कुछ काम कर करके अच्छी आय वर्जित कर रही हैं और अपने परिवार की आर्थिक रूप से सहायता कर रही हैं। महिलाओं यदि सही समय पर सही मार्गदर्शक और साथ मिल जाए तो वह आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकती हैं और अपने परिवार की सहायता कर सकती हैं। स्वयं सहायता समूह से जुड़ना उनका जीवन का सबसे अच्छा निर्णय रहा हैं। वह समूह की बैठकों में भाग लेकर गांव-गांव में जाकर अन्य महिलाओं को भी जागरूक करती हैं। उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करती हैं। अब महिलाएं पहले के मुकाबले काफी जागरूक हैं।