फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिलेभर में धूमधाम से मनाई गई श्रीकृष्ण जन्माष्टमी

विज्ञापन
विज्ञापन
श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बुधवार को शहर में धूमधाम से मनाया गया। मंगलवार की तरह बुधवार को जन्माष्टमी की तैयारियों में लोग सुबह से ही जुट गए। घरों में पूजा स्थलों की साफ-सफाई की और राधा-कृष्ण की मूर्तियों को स्नान कराया। उन्हें नए सुंदर-सुंदर वस्त्र पहनाए। लड्डू गोपाल को मोर पंख के मुकुट, बांसुरी आदि से सजाने के बाद उन्हें फूलों से सजे पालने में बैठाया गया। घरों में छोटे बच्चों को श्री कृष्ण और राधा की वेशभूषा की झांकियां सजाई गईं। लोगों ने उपवास रखकर रात में भगवान को माखन मिश्री का भोग लगाकर उन्हें अपने-अपने घरों में ही पालना झुलाया। इस दौरान सभी ने हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की आदि भगवान श्री कृष्ण जी के जयकारे लगाए, जिससे आसपास का वातावरण कृष्णमय हो गया। रात 12 बजे विशेष पूजा के बाद श्री कृष्ण जन्माष्टमी जन्मोत्सव संपन्न हो गया।
विज्ञापन

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की भव्य तैयारियां, दिव्य रूप में सजाए गए मंदिर
शहर के देवी मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर, गीता मंदिर, अवध धाम मंदिर, सनातन धर्म मंदिर सहित प्रमुख मंदिरों को बड़े ही भव्य एवं दिव्य रूप में सजाया गया। शाम होते ही मंदिर रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठे। मंदिरों में सफाई करने के बाद भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति को नहलाकर उन्हें नए वस्त्र पहनाए और उनका विशेष श्रृंगार किया गया। इसके बाद मिठाई, मेवा और पंजीरी से उनको भोग लगाकर झूला झुलाया जाता है।
कोरोना से फीकी पड़ी कृष्ण जन्माष्टमी की रौनक
कोरोना के लगातार बढ़ रहे संक्रमण ने कृष्ण जन्माष्टमी की रौनक फीकी कर दी। कोरोना काल के चलते इस बार मंदिरों में झांकियां नहीं सजाई गईं। श्रद्धालुओं के लिए कई मंदिर बंद रहे। सिर्फ पुजारी और मंदिर कमेटी के सदस्यों के द्वारा ही पूजा-अर्चना की गई। ऐसे में लोगों ने अपने-अपने घरों में छोटे बच्चों को श्री कृष्ण-राधा की वेशभूषा में सजाया। घरों में ही विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
विज्ञापन

पूजन सामग्री की दुकानों पर रही भीड़
जन्माष्टमी पर शहर में बाजारों में जगह-जगह पूजन सामग्री, श्रीकृष्ण के पूजा कैलेंडर, फोटो, लड्डू गोपाल तथा उन्हें झुलाने के लिए बांस और लकड़ी आदि के झूले, बांसुरी, वस्त्र, मोर मुकुट आदि की दुकानों पर भीड़ रही। वहीं लड्डू गोपाल को मेवा, मिश्री का भोग लगाया जाता है, इसके लिए मेवे की दुकानों पर भी भीड़ रही।
विशेष योग में मनाया जा रहा जन्माष्टमी
पंडित जयपाल शर्मा ने बताया कि विशेष योग होने के कारण जन्माष्टमी बड़ा ही फलदाई है। इस वर्ष जन्माष्टमी का पर्व दो दिन मनाया गया है। पंचांगों के अनुसार श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का दो दिन योग है। इस बार जन्माष्टमी एक विशेष योग के बीच मनाया जा रहा है। जिन लोगों ने कृष्ण जन्माष्टमी व्रत किया है, उन्हें विशेष फल की प्राप्ति होने की संभावना है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें