पानीपत। अनाजमंडी में चल रही तीन दिवसीय यार्न, फेब्रिक, डाइंग, केमिकल मशीनरी प्रदर्शनी के दूसरे दिन शुक्रवार को देश भर के लगभग दो हजार उद्यमी पहुंचे। उद्यमी धागों व मशीनों की विभिन्न किस्मों के ऑर्डर दे रहे हैं। इटली की कपड़ा बनाने की मशीन आकर्षण का केंद्र रही। ये डर्स्ट मशीन एक दिन में 10 हजार वर्ग मीटर कपड़ा बना सकती है। इसकी कीमत ढाई करोड़ से छह करोड़ के बीच है। लुधियाना की कंपनी पहली बार इस मशीन को लेकर पानीपत पहुंची हैं।
इसी क्रम में मुंबई की सिलवासा कंपनी भी धागों की विभिन्न किस्म लेकर पहुंची है। टी- शर्ट से लेकर शुटिंग सर्टिंग के धागे प्रदर्शनी में आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इन धागों से कपड़ा, साड़ी, तौलिये, शूज लैस व बैग की पट्टिया बन सकती है। शुक्रवार को मेयर अवनीत कौर, डीसी सुशील सारवान, चेंबर ऑफ कॉमर्स के चेयरमैन विनोद खंडेलवाल, ललित गोयल, भीम राणा व मनीष अग्रवाल ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
लुधियाना की यार्न प्लस कंपनी क्लेरिक, थिंक एंड थिन, शॉन यार्न व हेयर यार्न लेकर पहुंची है। रामना कंपनी लियाइनसिंग जीएलएक्स गोल्ड प्लस मशीन लेकर पहुंची है। ये कपड़ा बनाने की अत्याधुनिक मशीन है। इसको लुधियाना में ही बनाया गया है।
पानीपत का रंगीन धागा किया जा रहा पसंद
पानीपत के उद्यमियों ने प्रदर्शनी में अपना रंगीन धागा प्रदर्शित किया है। रंगीन धागे को काफी पसंद किया जा रहा है। पानीपत में जर्मनी की अत्याधुनिक मशीन से बिना पानी के इस्तेमाल के रंगीन धागा बनाया जा रहा है। प्रदर्शनी में आए बाहर के बायरों को रंगीन धागा काफी आकर्षित कर रहा है।
ये कंपनी ले रही है प्रदर्शनी में भाग
धागा बनाने वाली कंपनी भीलोसा, गंगा एक्रो, स्नाथन टेक्सटाइल, गार्डन सिल्क, डीएचएच, समता यार्न , आदित्य बिरला ( ग्रासिम इंडस्ट्रीज), यंग मैन वूलेन,रमना मशीन,यार्न प्लस, फिल टेक्स इंडिया लिमिटेड, इंडियन एक्रोलिक, नरेंद्र इंटरनेशल, सिगमा ऑटो टेक्स, बीके लिमिटेड, समता, एचआर यार्न , काबरा, दीप हैंडलूम व श्री महावीर इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियां अपने उत्पादों को इस प्रदर्शनी में लेकर आई हैं।
प्रदर्शनी में इनका किया जा रहा प्रदर्शन
प्रदर्शनी में इस बार फाइबर, प्लॉयस्टर यार्न, वुलन, वेस्टेज यार्न, फैंसी यार्न, जूट यार्न, निटिंग मशीन, प्रिंटिंग मशीन, इलेक्ट्रॉनिक जैकार्ड, फेसिंग मशीन, बायलर, मशीन के पुर्जे, कंप्रेसर, लूम्स, सोफे फैब्रिक, बेडशीट, हैंडलूम का सामान, कंबल और पर्दों का प्रदर्शन किया गया है। इस बार गुजरात, महाराष्ट्र, पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और हरियाणा से प्रदशनी में भाग ले रही है।
धागे के लिए भटकना नहीं पड़ेगा- खंडेलवाल
पहले उद्यमियों के धागे के लिए भटकना पड़ता था। अब उद्यमी ऐसी प्रदर्शनी में आकर मनचाहे धागे का ऑर्डर दे सकते हैं। ऐसी प्रदर्शनी से व्यापार बढ़ता है। भारत की मशीनें अब चीन को भी टक्कर दे रही हैं।
विनोद खंडेलवाल, चेयरमैन , चैंबर ऑफ कॉमर्स